Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. बेटे-पति के ज़नाजे में क्यों नहीं पहुंची शाइस्ता? आखिर कौन सा राज़ है जिसके चलते शाइस्ता पुलिस से भाग रही है?

बेटे-पति के ज़नाजे में क्यों नहीं पहुंची शाइस्ता? आखिर कौन सा राज़ है जिसके चलते शाइस्ता पुलिस से भाग रही है?

By Rajni 

Updated Date

पढ़ें :- फतेहपुर ‘चाय वाला’ विवाद क्या है? अखिलेश यादव बयान पूरा मामला समझें

 

 

शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. यूपी पुलिस लगातार शाइस्ता परवीन को ढूंढने के लिए हर शहर में छापेमारी कर रही है. दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक की हर शहर में शाइस्ता को ढूंढने के लिये पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. उसके साथ ही गुड्डू मुस्लिम की तलाश में भी जुटी है पुलिस.

 

पढ़ें :- संसद में Akhilesh Yadav का हमला: बेरोजगारी, किसान और अर्थव्यवस्था पर सरकार से तीखे सवाल

बता दें की, अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की बीते दिनों कुछ अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी. ये हत्या प्रयागराज के मेडिकल कालेज अस्पताल के बाहर की गई. जहां उन्हे रुटिन चैकप के लिए ले जाया जा रहा था. उसी दौरान कुछ तीन अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरु कर दी. मौके पर ही अतीक और भाई अशरफ ने मौके पर दम तोड़ दिया था. तीनों बदमाश पत्रकार के भेष में आये थे. तीनों बदमाशों ने पुलिस को सरेंडर कर दिया. जिसके बाद पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है. उससे पहले अतीक का तीसरा बेटा असद भी एनकांउटर में ढेर हुआ था.

 

बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में प्रमुख गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षा गार्डों की गत 24 फरवरी को धूमनगंज क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल की पत्नी जया पाल की तहरीर पर 25 फरवरी को अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, दो बेटों, साथी गुड्डू मुस्लिम और गुलाम और नौ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. अतीक अहमद पर उमेश पाल हत्या मामले सहित 100 से अधिक मुकदमे दर्ज थे.

Advertisement