1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. Advocates Protection Bill: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने केंद्रीय कानून मंत्री को सौंपा एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल का ड्राफ्ट

Advocates Protection Bill: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने केंद्रीय कानून मंत्री को सौंपा एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल का ड्राफ्ट

एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल का ड्राफ्ट केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजिजू को सौंपा गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो इस बिल पर उचित कर्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को देंगे, ताकि इसे कानूनी रूप दिया जा सके।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

पटना, 09 दिसंबर। देश में वकीलों के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं पर अब जल्द रोक लगेगी। अब वकीलों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने के पहले लोगों को सोचना होगा। वकीलों की सुरक्षा के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया की 7 सदस्यीय समिति की ओर से तैयार किया गया ‘एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल का ड्राफ्ट’ केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजिजू को सौंप गया है।

पढ़ें :- IAS Pooja Singhal Case : झारखंड और बिहार में 7 ठिकानों पर ED का छापा, पूजा के करीबी विशाल चौधरी के ठिकानों पर रेड, जानें और किस के ठिकानों पर हुई छापेमारी

केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजिजू का मिला आश्वासन

मामले की जानकारी बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता मनन कुमार मिश्र ने गुरुवार को पटना में दी। मनन मिश्र ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की 7 सदस्यीय समिति की ओर से तैयार किया गया एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल का ड्राफ्ट केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजिजू को सौंप दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो इस बिल पर उचित कर्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को देंगे, ताकि इसे कानूनी रूप दिया जा सके।

देश के वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट संबंधी ड्राफ्ट बिल तैयार

मनन मिश्र ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की 7 सदस्यीय समिति ने देशभर के अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट संबंधी रूपरेखा और ड्राफ्ट बिल तैयार किया है। समिति में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष वरीय अधिवक्ता एस प्रभाकरन, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता देवी प्रसाद ढल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह अध्यक्ष सुरेश चंद्र श्रीमाली, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और प्रेस कॉउन्सिल ऑफ इंडिया के सदस्य शैलेन्द्र दुबे, राज बार काउंसिल कॉर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट के कार्यकारिणी सह अध्यक्ष ए रामी रेड्डी और लीगल एड कमेटी के अध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी के नाम शामिल है।

पढ़ें :- Punjab : भ्रष्टाचार के आरोपी पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को हटाया जाना सराहनीय कदम- केजरीवाल

6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना

प्रस्तावित बिल में किसी भी अधिवक्ता या उसके परिवार के सदस्य को किसी भी तरह की क्षति या चोट पहुंचाने, धमकी देने या उसके मुवक्किल द्वारा दिये गए किसी तरह की सूचना का खुलासा करने, पुलिस या किसी पदाधिकारी के की ओर से अनुचित दबाव या किसी वकील को किसी मुकदमे की पैरवी करने से रोकने का दबाव, वकील की संपत्ति को किसी भी रूप में हानि पहुंचाने या किसी भी वकील के खिलाफ अपशब्द या किसी तरह का आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। तो इस प्रस्तावित कानून के तहत ये अपराध की श्रेणी में आएगा और ऐसे अपराधों के लिए सक्षम न्यायालय की ओर से 6 महीने से 2 सालों तक की सजा और साथ में 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं अधिवक्ता को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सक्षम न्यायालय की ओर से अलग से जुर्माना लगाया जा सकता है।

बिल को संसद से भी जल्द पास कराने की कोशिश

मिश्र ने कहा कि इस बिल को संसद से भी जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश की किया जाएगा। बिल में जरूरत पड़ने पर वकीलों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के खिलाफ किए गए उक्त अपराध गैर- जमानतीय और संज्ञय अपराध की श्रेणी में आएगा, जिनकी जांच पुलिस के उच्च अधिकारी की ओर से ही कि जा सकेगी। किसी भी वकील के साथ किए गए अपराधों का अनुसंधान 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा और उक्त अपराध संबंधी मामले को जिला और सत्र न्यायाधीश या इनके समकक्ष न्यायालयों की ओर से ही देखा जाएगा। ड्राफ्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि किसी अधिवक्ता के ही अभियुक्त होने की स्थिति में ये प्रावधान लागू नहीं होंगे।अधिवक्ता या वकील संघ की किसी तरह की शिकायत के निपटारे के लिए जिला स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक शिकायत निवारण समिति बनाने का भी प्रावधान इस बिल में बनाया गया है।

गौरलतब है कि इस बिल के ड्राफ्ट को सभी राज्य की बार कॉउन्सिल, सर्वोच्च न्यायालय और अन्य उच्च न्यायालय के अधिवक्ता संघों को भेजा गया था, ताकि इसमें अगर कोई भी सुझाव किसी भी संगठन से वकीलों के हित में दिया जाता है तो उसे भी इसमें जोड़ दिया जाएगा। अधिवक्ता संघों से मिले सुझाव को शामिल करते हुए अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल के ड्राफ्ट को विधि और न्याय मंत्री को दिया गया है।

पढ़ें :- Japan : क्वॉड शिखर सम्मेलन में नेताओं ने कहा- वैश्विक शांति के लिए भारत-अमेरिका की दोस्ती अहम

ये ख़बर भी पढ़ें:

Bihar News : बिहार में शराब माफियाओं की संपत्ति जल्द होगी जब्त

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...