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तालिबान ने किया अंतरिम सरकार का ऐलान, मुल्ला हसन अखुंदजादा होंगे प्रधानमंत्री

तालिबान का सर्वोच्च नेता मुल्ला हबीबुल्लाह अखुंदजादा सरकार के संरक्षक होंगे और राजनीतिक, धार्मिक और सुरक्षा मामलों में उनका फैसला अंतिम होगा। तो मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और मुल्ला अब्दुल सलाम हनफी होंगे उपप्रधानमंत्री।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

काबुल, 07 सितंबर। अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद पिछले कई दिनों से सरकार के गठन को लेकर जारी कयास, मंगलवार देर शाम मुल्ला हसन अखुंदजादा के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाये जाने का ऐलान किये जाने के साथ ही खत्म हो गए। संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में शामिल अखुंदजादा को प्रधानमंत्री बनाए जाने की घोषणा की गई है। गृह मंत्री बनाये गए सिराजुद्दीन हक्कानी की गिरफ्तारी के लिए अमेरिका ने पांच मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।

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मोस्टवॉन्टेड आतंकी सिराजुद्दीन हक्कानी गृह मंत्री

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुल्ला मुहम्मद हसन अखुंदजादा सरकार के मुखिया होंगे। प्रधानमंत्री के लिए सबसे प्रबल दावेदार मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को उपप्रधानमंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही मुल्ला अब्दुल सलाम हनफी को दूसरे उपप्रधानमंत्री होंगे। कैबिनेट में कुल 33 मंत्री होंगे, जिसमें एक भी महिला नहीं है। हक्कानी नेटवर्क के सिराजुद्दीन हक्कानी को गृह मंत्रालय दिया गया है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टेट के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस प्रोग्राम ने सिराजुद्दीन हक्कानी की गिरफ्तारी के लिए सीधे सूचना देने पर 5 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।

तालिबानी मंत्रियों की लिस्ट

अंतरिम सरकार में मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री बनाया गया है। खैरउल्लाह खैरख्वा को सूचना मंत्री का पद दिया गया है। अब्दुल हकीम को न्याय मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। शेर अब्बास स्टानिकजई को डिप्टी विदेश मंत्री बनाया गया है। जबिउल्लाह मुजाहिद को सूचना मंत्रालय में डिप्टी मंत्री की कमान दी गई है। सेना का प्रमुख मुल्ला फजल अखुंदजादा को बनाया गया, डिप्टी चीफ ऑफ इंटेलिजेंस मुल्ला ताज मीर जवाद, नेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ सिक्योरिटी के प्रमुख होंगे मुल्ला अब्दुल हक वासिक और शरणार्थी मामलों के मंत्री खलीलउर्रहमान हक्कानी को बनाया गया है।

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प्रधानमंत्री पद के लिए मुल्ला हसन अखुंदजादा का नाम अमीरुल मोमिनीन शेख हैबतुल्ला अखुंजादा ने प्रस्तावित किया। मुल्ला बरादर और मुल्ला अबदुस सलाम उनके डिप्टी के तौर पर काम करेंगे। शेख हैबतुल्ला अखुंजादा खुद अफगान के सुप्रीम लीडर होंगे। मुल्ला हसन अखुंदजादा को 20 साल से शेख हैबतुल्ला अखुंजादा के करीबी होने का इनाम मिला है।

संयुक्त राष्ट्र की सूची में आतंकी है अखुंदजादा

मुल्ला हसन अखुंदजादा इस वक्त रहबारी शूरा के मुखिया हैं। रहबारी शूरा तालिबान की सबसे शक्तिशाली निर्णय लेने वाली संस्था है। मुल्ला हसन अखुंदजादा का जन्म कंधार में हुआ था। सशस्त्र आंदोलन की शुरुआत करने वाले लोगों में मुल्ला हसन शामिल थे। हसन का नाम संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में भी शामिल है।

दो दिन में अखुंदजादा ने बरादर को दी मात

मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंदजादा के प्रधानमंत्री की रेस में आने की चर्चा मात्र दो दिन पहले ही शुरू हुई थी। मुल्ला मोहम्मद हसन वर्तमान में तालिबान के शक्तिशाली निर्णय लेने वाले निकाय, रहबारी शूरा या नेतृत्व परिषद के प्रमुख है। मोहम्मद हसन तालिबान के जन्मस्थान कंधार से ताल्लुक रखता है और आतंकी आंदोलन के संस्थापकों में से एक है।

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क्या ISI ने बरादर का पत्ता काटा

जानकारों के मुताबिक मुल्ला बरादर का पत्ता पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ मोहम्मद फैज के इशारे पर काटा गया है। पाकिस्तान नहीं चाहता है कि कोई प्रभावशाली नेता तालिबान सरकार में शीर्ष पर बैठे।

कई धड़ों में विवाद

सरकार की कमान को लेकर तालिबान के दो गुट, कंधार गुट और आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के बीच विवाद की खबरें थीं। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि पाकिस्तान की मदद से तालिबान के ऐसे सदस्य को सरकार की कमान सौंपी जा सकती है, जो ज्यादा बड़ा नाम नहीं हो। पिछले दिनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल दौरे के दौरान मुल्ला हसन अखुंदजादा के नाम पर सहमति बनी थी।

हिन्दुस्थान समाचार

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