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Bihar : कृषि बिल की वापसी से नाखुश हैं कृषि मंत्री

बिहार के किसानों को इन तीनों कानूनों से बड़ी राहत मिलने वाली थी।

By इंडिया वॉइस 
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पटना, 19 नवंबर। किसान आंदोलन के बीच केन्द्र सरकार की ओर से तीनों कानूनों को वापस लिये जाने के फैसले पर जहां एक ओर विपक्ष इसे अहंकार की हार बता रहा है, वहीं राज्य के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह पीएम के इस एलान से खुश नहीं है। कृषि मंत्री ने कहा है कि फिलहाल कृषि कानून को वापस लिया गया है लेकिन बिहार के किसान चाहते हैं कि दरवाजा बंद नहीं हो। ऐसा इसलिए है, क्योंकि बिहार के किसानों ने इन तीनों कृषि कानून का ह्रदय से स्वागत किया था। बिहार के किसानों को इन तीनों कानूनों से बड़ी राहत मिलने वाली थी।

विपक्ष की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने को केन्द्र सरकार के बैकफुट पर आने की बात पर उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को समझना चाहिए कि बड़े हृदय का नेता ही इतना बड़ा निर्णय ले सकता है। लोकतंत्र में जोर-जबरदस्ती से कानून लागू नहीं होता है। गांधी जी ने भी कई फैसले वापस लिए थे। क्या उसे बैकफुट पर आना कहेंगे। ये तो विपक्ष की छोटी सोच है।

कृषि मंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है। ऐसे में एक छोटे से समूह को भी नाराज करके कानून जबरदस्ती लागू नहीं किया जाय, इसका ख्याल पीएम मोदी जैसे विशाल ह्रदय वाले ही रख सकते हैं। राज्य के कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र को तरजीह दी है। इसे किसान समझ नहीं पाए तो उन्हे मौका दिया जाए। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने जोड़ा कि पीएम मोदी से मेरा आग्रह है कि किसानों का दरवाजा बंद नहीं होना चाहिए। ये कानून किसानों के व्यापक हित में है। इस पर आगे चर्चा कर, इस कानून को लागू कर वातावरण बेहतर बनाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार

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