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कमजोरी को ताकत बनाकर अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक में भारत के लिए जीता गोल्ड

शूटिंग में गोल्ड जीतने के साथ ही अवनि देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिसने ओलंपिक या पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीता हो।

By इंडिया वॉइस 
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राजस्थान के जयपुर की अवनि लखेरा ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर टोक्यो पैरालंपिक में इतिहास रच दिया है। टोक्यो पैरालंपिक में अवनि लखेरा ने 10 मीटर एयर राइफल में भारत को पहला गोल्ड दिलाया है। फाइनल में 249.6 पॉइंट हासिल कर उन्होंने यूक्रेन की इरिना शेटनिक के रिकॉर्ड की बराबरी की। शूटिंग में गोल्ड जीतने के साथ ही अवनि देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिसने ओलंपिक या पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीता हो।

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जयपुर की अवनी लखेरा वो नाम है, जिसे पूरा विश्व गोल्डन गर्ल के नाम से जानता है। शूटिंग प्रतियोगिताओं में मानो गोल्ड पर निशाना साधना अवनी की आदत बन गई है। छह साल के अपने करियर में अवनी ने कितने गोल्ड पर निशाना साधा है ये अवनी तक को पता नहीं है और इसी खेल के दम पर अवनी ने टोक्यो में होने वाले पैरालंपिक का टिकट कटवाया और पैरालंपिक में गोल्ड पर निशाना साधकर पैरालंपिक में पहली महिला गोल्डन शूटर बन गई।

जयपुर की उभरती हुई शूटर अवनि फरवरी 2012 में आगरा के पास हुई कार दुर्घटना के बाद दोनों पैर खोकर व्हील चेयर पर आ गई। हादसे के दौरान अवनि कार की पिछली सीट पर सो रही थी, लेकिन अचानक हादसे में वह उछल कर गिर गई जिससे कमर से नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर दिया। बावजूद इसके अवनि ने शूटिंग को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। अवनि ने अपनी इसी कमजोरी को ताकत बनाया और अगस्त 2015 में राइफल उधार लेकर पहली बार स्टेट लेवल पर गोल्ड मेडल जीता। शौकिया तौर पर निशानेबाजी करने वाली अवनि ने राइफल से ही पदकों की झड़ी लगा दी। अपनी गुजरी जिंदगी को पीछे छोड़ते हुए अवनि ने अब एक नया मुकाम हासिल किया है।

कोविड-19 संक्रमण के चलते बीते कुछ समय से अवनि अपने घर पर ही अभ्यास कर रही थी और उनका सपना था कि पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर वे देश का नाम रोशन करें। इससे पहले विश्व पैरा खेल निशानेबाजी विश्व कप में अवनि ने रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। अवनि राजस्थान विश्वविद्यालय में पंचवर्षीय विधि महाविद्यालय के बीए एलएलबी की चौथे सेमेस्टर की छात्रा हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र सिंह कहते हैं कि अवनि को एयर राइफल स्टेंडिंग वुमेन (आर-2) में चौथी वरीयता हासिल है। इसके अतिरिक्त 50 मीटर 3 पोजीशन वूमेन (आर-8) में भी विश्व में चौथी रैंक हासिल है। अवनि लखेरा ने डब्ल्यूएसपीएस वर्ल्ड कप 2017 में रजत पदक हासिल किया था। उन्होंने 2019 में भी विश्व कप के दौरान 50 मीटर राइफल शूटिंग में ओलंपिक कोटा हासिल किया था।

अवनि के लक्ष्य पर निशाना साधने में सबसे बड़ी भूमिका उनके माता-पिता की रही है। अवनि के पिता प्रवीण लखेरा और श्वेता लखेरा का कहना है कि “12 साल की उम्र में जब अवनि को पैरालाइसिस हुआ तो वो काफी टूट गई थी। उस समय सोचा कि अवनी को किसी खेल से जोड़ा जाए और आज परिणाम सबके सामने है। खेल के साथ ही अवनि पढ़ाई में भी काफी होशियार है। इसके साथ ही अन्य एक्टीविटी में भी अवनि सबसे अव्वल रहती है।” अवनि के पिता रेवेन्यु अपील अधिकारी हैं, फिलहाल गंगानगर में पोस्टेड हैं।

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पिता प्रवीण लखेरा को दुख है कि बेटी ने मेडल तो जीत लिया, मगर इसे स्वीकारा नहीं जाता है। पैरालंपिक के लिए कहते हैं कि वहां कॉम्पिटिशन नहीं होता है। अच्छा खेल लें तो कहते हैं बैठे-बैठे ही तो निशाना लगाना होता है। इसमें क्या खास है, कोई भी कर सकता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेडल लाना गर्व की बात है।

पैरालंपिक इतिहास में भारत के लिए महिलाओं ने तीसरा मेडल जीता है। इससे पहले शॉटपुट में दीपा मलिक और इसी पैरालंपिक में भाविना पटेल ने टेबल टेनिस में मेडल जीता है। वहीं ओलंपिक में महिलाओं ने भारत को अब तक 8 मेडल दिलाए हैं। इनमें पीवी सिंधु ने 2, जबकि कर्णम मल्लेश्वरी, साइन नेहवाल, मैरिकॉम, साक्षी मलिक, मीराबाई चानू, लवलीना भारत को मेडल दिला चुकी हैं। हालांकि कोई भी महिला आज तक भारत को गोल्ड नहीं दिला पाई।

अवनि की इस कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल कलराज मिश्र एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई नेताओं ने खुशी जताई है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने टोक्यो ओलम्पिक खेलों में शूटिंग में स्वर्णिम जीत पर अवनि लखेरा को बहुत – बहुत बधाई दी है। राज्यपाल मिश्र ने जैवलिन थ्रो में रजत पदक विजेता देवेन्द्र झाझड़िया एवं कांस्य पदक विजेता सुंदर सिंह गुर्जर को भी बधाई दी है। उन्होंने डिस्कस थ्रोअर योगेश कथूनिया, महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल और ऊंची कूद के एथलीट निषाद कुमार को रजत पदक जीतने पर एवं डिस्कस थ्रोअर विनोद कुमार को कांस्य पदक जीतने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल मिश्र ने कहा है कि इन खिलाड़ियों ने अपने उल्लेखनीय प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिखा कि पेरालंपिक में स्वर्ण जीतने पर अवनि लखेरा को शुभकामनाएं। टोक्यो पैरालंपिक में अवनि लखेरा ने 10 मीटर एयर राइफल में भारत को पहला गोल्ड दिलाकर इतिहास रचा है। पूरा देश इस कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है। भारतीय खेल जगत के इतिहास में आज का दिन गौरवान्वित करने वाला है।

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