1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. मप्र के सबसे बड़े अस्पताल के मुर्दाघर में अय्याशी, रात में शव लेकर पहुंचे तो लड़कियों के साथ मिले कर्मचारी

मप्र के सबसे बड़े अस्पताल के मुर्दाघर में अय्याशी, रात में शव लेकर पहुंचे तो लड़कियों के साथ मिले कर्मचारी

मॉर्चुरी में शव रखे जाते हैं, लेकिन हवस के भूखे लोगों ने इस जगह को भी जिस्म की आग बुझाने का अड्डा बना लिया है। मामला मध्यप्रदेश में इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) हॉस्पिटल का है। दरअसल, यहां कुछ फोटो वायरल किए गए हैं जिनमें आधे-अधूरे कपड़ों में एक-दो लड़कियां और लड़के नजर आ रहे हैं। दावा है कि यह हॉस्पिटल की मॉर्चुरी का नजारा है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

इंदौर: मॉर्चुरी में शव रखे जाते हैं, लेकिन हवस के भूखे लोगों ने इस जगह को भी जिस्म की आग बुझाने का अड्डा बना लिया है। मामला मध्यप्रदेश में इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) हॉस्पिटल का है। दरअसल, यहां कुछ फोटो वायरल किए गए हैं जिनमें आधे-अधूरे कपड़ों में एक-दो लड़कियां और लड़के नजर आ रहे हैं। दावा है कि यह हॉस्पिटल की मॉर्चुरी का नजारा है।

पढ़ें :- आज से जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा भारत, सालभर में 50 शहरों में होंगी 200 बैठकें

इस मॉर्चुरी की देखरेख का ठेका एक निजी कंपनी ष्ठस् के जिम्मे है। फोटो वायरल करने वालों का कहना है कि इस कंपनी के कर्मचारी ही बीते चार दिनों से यहां रात में लड़कियां लेकर आते हैं। हॉस्पिटल के कर्मचारियों को इसकी जानकारी थी, लेकिन प्रबंधन अनजान है। यहां बीते दिनों मॉर्चुरी में एक बुजुर्ग का शव करीब 158 दिन पड़ा रहा था इसके बाद ही इसकी देखरेख का जिम्मा प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया।

मंगलवार रात को जब कुछ लोग एक शव लेकर वहां पहुंचे तो कमरे में लड़कियों को देखकर दंग रह गए। उनके साथ कुछ लड़के भी थे। उनसे सवाल किया तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इससे आपको क्या करना है? आप शव रखो और जाओ। इसके बाद शव लेकर आए लोगों ने वहां के फोटो खींच लिए। यह देख मॉर्चुरी के कर्मचारी लड़कियों को लेकर बाहर आ गए। बाद में यह फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गए।

मामला सामने आने के बाद फोटो में नजर आ रहे दोनों कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। एमवाय अस्पताल के अधीक्षक पीएस ठाकुर ने बताया कि दोनों कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। वहीं, कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।

बताया जा रहा है कि यूडीएस का हेड ऑफिस चेन्नई में है। वर्ष 2018 में कंपनी को एमवाय, एमजीएम मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा और सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा अभद्रता किए जाने की पहले भी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कंपनी को जब ठेका दिया गया था, उसी समय बच्चे का इलाज करवाने आई एक महिला और उसके परिजनों से कंपनी के बाउंसरों ने मारपीट भी की थी।

पढ़ें :- गुजरात चुनाव: पहले चरण में 89 सीटें पर 788 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...