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शहर में फिर ठगी: दिल्ली पुलिस वाले बनकर छह लाख रुपये से भरा पैकेट उड़ाया

करोबारी के रिश्तेदार को पुलिसवाला बताकर छह लाख रूपये से भरा पैकेट ले उड़े बदमाश।

By इंडिया वॉइस 
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जोधपुर, 11 नवम्बर। शहर में कुछ समय पहले दो महिलाओं के साथ लाखों के जेवरात पुलिस वाले बनकर ठग ले गए। इन ठगों का आज एक महिने बाद भी पता नहीं लगा। अब एक बार फिर दो बदमाशों ने पुलिस वाले बनकर सुनार के परिचित से छह लाख रुपये से भरा पैकेट पार कर लिया। परिचित दुकान पर पहुंचा तो घटना का पता लगा। तब तक ठग जा चुके थे। नागौर के रहने वाले सुनार की रिपोर्ट पर सदर बाजार पुलिस ने ठगी का प्रकरण दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए मगर सुराग हाथ नहीं लगा। बाइक के नंबर के आधार पर तलाश की जा रही है। मगर नंबर प्लेट पर भी बैग टंगा होने से वह भी साफ नजर नहीं आ रही।

सदर बाजार थानाधिकारी बंशीलाल वैष्णव ने बताया कि नागौर जिले के रोल थानान्तर्गत जायल हाल नागौर के हनुमानबाग कॉलोनी निवासी रविंद्र सोनी पुत्र माणकलाल सोनी की तरफ से रिपोर्ट दी गई। इसमें बताया कि उसने अपने एक परिचित के साथ नागौर से तीन पैकेट पार्सल भेजे थे। जोकि घोड़ों का चौक जोधपुर में दुकान पर देने थे।

परिचित को तीनों पैकेट एक बैग में डाल कर दिए गए। एक पैकेट में चांदी के आइटम थे। दूसरे में दो लाख और तीसरे पैकेट या पार्सल में छह लाख रुपये थे। उसका परिचित बुधवार की सुबह नागौर से जोधपुर आया था। वह पावटा बस स्टेण्ड पर उतरा और फिर सिटी बस से सोजती गेट पर आया। यहां से वह पैदल ही निकला और घोड़ों का चौक तक आया। तब घोड़ों चौक स्थित आरडीएक्स रिफाइनरी के पास में एक बाइक पर दो युवक मिले। एक युवक गाड़ी पर ही बैठा रहा और दूसरा उसके परिचित के पास में गया। उसे कहा कि वह दिल्ली पुलिस से है। साहब गाड़ी पर बैठे है और बैग की तलाशी लेनी है।

शातिर ने बैग तलाशी लिए जाने के साथ ही दो पैकेट तो बैग में वापिस डाल दिए, मगर तीसरा पैकेट जिसमें छह लाख रुपये थे। उसे आंखों के सामने ही बातों में उलझा कर उडा लिया। पीडि़त रविंद्र सोनी ने पुलिस को बताया कि उसका परिचित जब दुकान पर पैकेट या पार्सल देने पहुंचा तब एक पैकेट गायब मिला। इस पर परिचित ने फोन कर जानकारी दी। थानाधिकारी वैष्णव ने बताया कि घटना में आस पास लगे सीसीटीवी फुटेज के साथ ही पुलिस कमांड कंट्रोल के कैमरें भी देखें जा रहे है। यह बाहरी गैंग हो सकती है जोकि वारदात को अंजाम दे रही है।

ना तो पुलिस यूनिफार्म में ना ही आईडी देखी:

फुटेज जांच में सामने आया कि दोनों शातिरों के हेलमेट पहने होने के साथ मास्क पहना हुआ था। उन्होंने पुलिस की वर्दी भी नहीं पहनी हुई थी। उसके परिचित की तरफ से बदमाशों की आईडी भी नहीं देखी गई।

हिन्दुस्थान समाचार

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