1. हिन्दी समाचार
  2. गैलरी
  3. Birthday Special : “जिनके घर शीशे के होते है वो बत्ती बुझाकर कपड़े बदलते हैं” ऐसे डायलॉग संग बड़े पर्दे पर विलेन बन 60 साल तक राज करते रहे प्रेम चोपड़ा

Birthday Special : “जिनके घर शीशे के होते है वो बत्ती बुझाकर कपड़े बदलते हैं” ऐसे डायलॉग संग बड़े पर्दे पर विलेन बन 60 साल तक राज करते रहे प्रेम चोपड़ा

प्रेम चोपड़ा की प्रमुख फिल्मों में हम हिंदुस्तानी, शहीद, मेरा साया, प्रेम पुजारी, पूरब और पश्चिम,आंसू बने अंगारे,फूल बने अंगारे,जाने भी दो यारों आदि शामिल हैं

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

Birthday Special Prem Chopra : मशूहर अभिनेता प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra)बॉलीवुड के फेमस विलेन में से एक हैं। उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में 60 साल विलेन बनकर राज किया और वह मकाम हासिल किया जिसकी ख्वाहिश हर अभिनेता करता है। प्रेम चोपड़ा का जन्म 23 सितम्बर,1935 को लाहौर में हुआ था। 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद प्रेम अपने परिवार के साथ शिमला आ गए। प्रेम की प्रारंभिक शिक्षा शिमला में ही हुई। इसके बाद स्नातक की पढ़ाई उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से की। इस दौरान प्रेम का झुकाव अभिनय की तरफ हुआ और वह कॉलेज में होने वाले नाटक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने लगे। पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिनेता बनने का सपना लिए प्रेम मुंबई आ गए। यहां आने के बाद प्रेम का फिल्मी दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था। इस दौरान संघर्ष के शुरुआती दिनों में उन्होंने अखबार बेचने का काम शुरू किया। उन्होंने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के सर्कुलेशन विभाग में भी काम किया।

पढ़ें :- Cruise Drugs Case : आर्यन खान को क्लीन चीट, समीर वानखेड़े पर गिरेगी गाज, खराब जांच के लिए सरकार लेगी एक्शन

Prem Chopra

लम्बे संघर्ष के बाद उन्हें 1960 में आई फिल्म ‘मुड़-मुड़ के ना देख’ में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। इसके बाद प्रेम चोपड़ा को फिल्म ‘चौधरी कर्नल सिंह’ में काम करने का मौका मिला जो पंजाबी थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। 1960 में प्रेम चोपड़ा की फिल्म ‘वो कौन थी’ आई। प्रेम इस फिल्म में खलनायक की भूमिका में नजर आये। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और प्रेम को कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलो पर राज किया।

Prem Chopra

प्रेम चोपड़ा की प्रमुख फिल्मों में हम हिंदुस्तानी, शहीद, मेरा साया, प्रेम पुजारी, पूरब और पश्चिम,आंसू बने अंगारे,फूल बने अंगारे,जाने भी दो यारों आदि शामिल हैं। प्रेम चोपड़ा इन दिनों फिल्मों से दूर है,लेकिन उनकी फिल्मों के कुछ डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर अक्सर आ जाते है। बॉलीवुड के मशहूर विलेन के रूप में पहचान बना चुके प्रेम चोपड़ा की फिल्मों का डायलॉग प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा…..(बॉबी),जिनके घर शीशे के बने होते हैं…, वो बत्ती बुझाकर कपड़े बदलते हैं… (सौतन), राजनीति की भैंस के लिए दौलत की लाठी की जरूरत होती है… (खिलाड़ी), मैं वो बला हूं, जो शीशे से पत्थर को तोड़ता हूं …(सौतन), मैं जो आग लगाता हूं उसे बुझाना भी जानता हूं …(कटी पतंग) जैसे डायलॉग काफी मशहूर हुए।

पढ़ें :- Cruise Drugs Case : आर्यन खान को NCB की चार्जशीट में क्लीन चिट, 14 लोगों पर चलेगा केस, जानें कौन हैं वो लोग?

Prem Chopra

प्रेम चोपड़ा को फिल्मों में दिए उनके योगदान और अभिनय को दर्शक हमेशा ही याद करते रहेंगे।वहीं उनकी निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम उमा चोपड़ा है। प्रेम चोपड़ा और उमा की तीन बेटियां रकिता, पुनीता और प्रेरणा हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...