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विहिप जिलाध्यक्ष समेत दो संतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष नितिन गौतम और दो संत महंत निर्मल दास और धर्मदास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

By इंडिया वॉइस 
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हरिद्वार, 17 अगस्त (हि.स.)। शहर कोतवाली में कोर्ट के आदेश के बाद विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष नितिन गौतम और दो संत महंत निर्मल दास और धर्मदास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि उत्तरी हरिद्वार के सप्त सरोवर रोड भूपतवाला के विष्णु धाम आश्रम निवासी कमला देवी शिष्य स्व. स्वामी विष्णु देव ने कोर्ट के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया है।

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इसमें कहा गया है कि 2012 में संत विष्णु देव ब्रह्मलीन हो गए थे, तभी से ही उनकी ट्रस्ट की सम्पत्ति को कब्जाने का प्रयास किया जा रहा था। जून में संत निर्मल दास कार लेकर आश्रम पहुंचे और जबरदस्ती धक्का-मुक्की कर संत से गेट खुलवाया। उन्होंने संत से 500000 की मांग भी की। महिला संत ने आरोप लगाए हैं कि आरोपियों ने ट्रस्ट में घुसकर कब्जे का प्रयास किया और सीसीटीवी तोड़ दिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष नितिन गौतम, महंत निर्मल दास और धर्मदास निवासी भूपतवाला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विष्णु धाम आश्रम के महंत निर्मल दास महाराज ने स्वामी कमला देवी द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। बयान में महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि वह 1996 से विष्णु धाम आश्रम में रह रहे हैं और 2008 में स्वामी विष्णु देव महाराज द्वारा उन्हें आश्रम का महंत बनाया गया तथा 2012 में स्वामी विष्णु देव महाराज के ब्रह्मलीन हो जाने पर संत समाज और सभी तेरह अखाड़ों द्वारा उन्हें महंताई चादर देकर आश्रम का उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया। इसका रिकॉर्ड आश्रम के महंताई रजिस्टर में भी दर्ज है। महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि उनके सारे दस्तावेज वोटर आईडी, आधार कार्ड व पासपोर्ट आदि विष्णु धाम आश्रम के नाम पर ही दर्ज हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वामी कमला देवी और उनका परिवार विष्णु धाम आश्रम की संपत्ति को बेचकर खुर्दबुर्द करना चाहते हैं। इसका पता चलने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने स्वामी कमला देवी सहित तीन अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि यह विवाद 2013 से न्यायालय में चल रहा है और इसका महंत धर्मदास और विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष नितिन गौतम से कोई लेना -देना नहीं है।

महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि संन्यास परंपरा अपनाने के बाद किसी भी संत का अपने परिवार से कोई वास्ता नहीं रह जाता है, लेकिन स्वामी कमला देवी और उनका परिवार बार-बार आश्रम में आकर दबंगई करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार/

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