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केंद्र ने खाद्य तेल की कीमतों में कमी सुनिश्चित करने के लिए फिर से राज्यों को लिखा पत्र

डीएफपीडी खाद्य तेलों के मूल्यों और उपभोक्ताओं को इनकी उपलब्धता की निगरानी कर रहा है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) सचिव सुधांशु पांडे ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की कीमतों में कमी सुनिश्चित करने को कहा है। पत्र में विभाग ने जानकारी देते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं की राहत के लिए और त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद्य तेलों के मूल्य को कम करने के लिए केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों की रूपरेखा तैयार की है। आपको बता दें कि इस मामले डीएफपीडी खाद्य मूल्यों पर भंडारण सीमा आदेश पर की गई कार्रवाई की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक करेगा।

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डीएफपीडी खाद्य तेलों के मूल्यों और उपभोक्ताओं को इनकी उपलब्धता की निगरानी कर रहा है। यह आगामी त्योहारी सीजन के संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिसमें खाद्य तेलों की मांग बढ़ेगी। सरकार द्वारा इससे पूर्व ही विभिन्न कदम उठाए जा चुके हैं जैसे सभी राज्यों और खाद्य तेल उद्योग संघों के साथ वार्तालाप के आधार पर भंडारण की जानकारी देने के लिए अधिसूचना जारी की गई है और डीएफपीडी ने देश में साप्ताहिक आधार पर खाद्य तेलों/तिलहन के भंडारण की निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल बनाया है।

उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए खाद्य पदार्थों की मांग और खपत अलग-अलग होती है। हालांकि, खाद्य तेलों और तिलहनों की भंडारण सीमा की मात्रा को अंतिम रूप देने के लिए राज्य अथवा केन्द्र शासित प्रदेश खाद्य तेलों और तिलहनों के लिए तय की गई पिछली भंडारण सीमा पर विचार अथवा जानकारी ले सकते हैं। यह विचार किया जा सकता है कि किसी भी हितधारक (रिफाइनर, मिलर, थोक व्यापारी आदि) को भंडारण क्षमता का दो महीने से अधिक स्टॉक नहीं रखना चाहिए।

राज्य पूर्व में ही निर्धारित की गई मार्गदर्शन के लिए सांकेतिक सीमाओं को प्राथमिकता दे सकते हैं और यह विचार के लिए पत्र के साथ संलग्न हैं। हालांकि अन्य श्रेणियों के लिए राज्य के लिए उपयुक्त समान मात्रा निर्धारित की जा सकती है। उदाहरण के लिए रिफाइनर के लिए पिछले छह महीनों के औसत पैमाने के अधिकतम 2 महीने के स्टॉक का उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह एक्सट्रैक्टर्स अथवा मिलर्स के लिए मात्रा निर्धारित की जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार

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