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Farm Law : राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद संवैधानिक रूप से निरस्त हुए तीनों कृषि कानून बिल

हालांकि तीनों कृषि कानून के निरस्त हो जाने के बाद भी किसान अभी भी आन्दोलन ख़त्म करने के पक्ष में नहीं हैं।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 01 दिसम्बर। केन्द्र सरकार द्वारा कृषि सुधारों के लिए बनाए गए तीन कानूनों को निरस्त किए जाने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई, जब राष्ट्रपति ने इन्हें मंजूरी दे दी। इससे अब किसान (अधिकारिता और संरक्षण) समझौता विधेयक के तहत मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020, ‘किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम 2020’ और ‘आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020’ संवैधानिक रूप से निरस्त हो गए हैं। साथ ही ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3 में, उप-धारा (1ए) भी हट गई है।

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उल्लेखनीय है कि सोमवार को तीन कृषि कानूनों को रद्द करने से जुड़े विधेयक कृषि कानून निरसन अधिनियम-2021 को संसद की मंजूरी मिल गई थी। विधेयक के कारण और लक्ष्य में कृषि मंत्री ने कहा था कि किसानों के एक समूह को सरकार इन विधेयकों के खिलाफ आंदोलनरत था, जिसे सरकार ने समझाने का प्रयास किया। आखिरकार आजादी के अमृत महोत्सव पर समय की आवश्यकता थी कि समावेशी विकास के साथ सबको साथ लिया जाए।

लिहाज़ा केंद्र सरकार ने किसानों की मांग मानते हुए तीनों नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया है। हालांकि तीनों कृषि कानून के निरस्त हो जाने के बाद भी किसान अभी भी आन्दोलन ख़त्म करने के पक्ष में नहीं हैं। किसान संगठनों ने यह साफ़ कर दिया है कि सरकार ने सिर्फ कानून वापस लिया है हमारी कुल 6 मांगे हैं केंद्र सरकार उन मांगों पर भी विचार करे और MSP पर कानून बनाए तभी किसान अपना आंदोलन खत्म करेंगे।

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