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उत्तराखंड : अतिवृष्टि से प्रदेश को हुआ 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान, मरने वालों की संख्या भी 60 के पार ! !

राज्य सरकार ने राज्य को कुल 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की जानकारी दी है।

By इंडिया वॉइस 
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उत्तराखंड,22 अक्टूबर : देवभूमि उत्तराखंड में भारी बारिश से मची तबाही में कुल मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 69 हो गई है। आपको बता दें कि बारिश और बाढ़ से मरने वालो में काफी संख्या में पर्यटक भी शामिल हैं। वहीं प्रदेश में हुई इस अतिवृष्टि से राज्य सरकार ने राज्य को कुल 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की जानकारी दी है।

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इसी बीच उत्तरकाशी के हर्षिल से छितकुल के लम्खागा दर्रे की ट्रैकिंग पर निकले लापता 11 ट्रैकरों में से 9 ट्रैकरों के मरने की जानकारी मिली है। वहीं इस बीच सेना ने 21 अक्टूबर को 2 घायलों को भी रेस्क्यू कर लिया है। बता दें कि इलाके में मौसम खराब होने के कारण शवों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू नहीं किया जा सका। ऐसे में सेना आज यानि 22 अक्टूबर को शवों को निकालने की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी।

कुमाऊं मंडल में फंसे हैं 700 के करीब प्रयटक 

आपको बता दें कि उत्तराखंड में हुई भारी बारिश के चलते प्रदेश में अब तक 69 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। इन 64 मृतकों में 9 ट्रेकर भी मौजूद हैं जो उत्तरकाशी के हर्षिल से छितकुल के लम्खागा दर्रे की ट्रैकिंग पर निकले थे। बहरहाल जानकारी के अनुसार 11 में से 5 ट्रेकरों के शव हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में मिले हैं बाकि की तलाश जारी है और माना जा रहा है कि लापता 4 ट्रेकरों की भी मौत हो गई है वहीं 2 का इलाज जारी है। इसके अलावां खबर यह भी है कि उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में अभी भी 700 के करीब प्रयटक फंसे हुए हैं। जिनको निकालने के लिए  एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम लगातार प्रयास कर रही हैं।

आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम

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आपको बता दें कि उत्तराखंड में बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से नैनीताल जिला सबसे जायदा प्रभावित हुआ है। यहां इस आपदा में सबसे ज्यादा 34 लोगों की जान चली गई है। नैनीताल के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है चंपावत जहां 11 लोगों ने आपदा में अपनी जान गंवा दी। बता दें कि राज्य में अभी तक कुल 3500 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। 16,000 से अधिक एहतियाती निकासी भी की गई है। उत्तराखंड में बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से लोगों को रेस्क्यू करने के लिए 17 एनडीआरएफ की टीमें, 60एनडीआरएफ की टीमें, पीएसी की 15 कंपनियां और 5000 से ज्यादा जवान कुमाऊँ मंडल में तैनात किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी कर चुके हैं आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा 

उत्तराखंड में आई इस आपदा के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने राज्य का दौरा किया और हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राज्यों को केंद्र की ओर से हर संभव मदद देने का ऐलान भी किया। इस बीच उत्तराखंड के हालातों को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य के सम्बंधित अधिकारियों से एक हाई लेवल रिव्यु मीटिंग भी की। इसके आलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर प्रदेश में आई इस आपदा की जानकारी ली। साथ ही मुख्यमंत्री धामी को पीएम मोदी ने ये आश्वासन दिया कि संकट के इस घड़ी में केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ है।

शवों को खोजने का काम जारी 

आपको बता दें जो 11 ट्रैकर छितकुल ट्रैकिंग रूट पर उत्‍तराखंड के हर्षिल से लम्‍खागा पास से होते हुए निकले थे उनको मंगलवार यानि 19 अक्टूबर को किन्नौर जिले के छितकुल पहुंचना था लेकिन पहुंच नहीं पाए। आईटीबीपी की रेस्‍क्‍यू टीम की मदद से 5 लोगों के शवों को खोजा जा चुका है। जानकारी के मुताबिक 11 सदस्‍यीय दल में 8 ट्रैकर और 3 रसोइये हैं, इस दल के साथ एक पोर्टर भी था। मिली जानकारी के अनुसार पोर्टर छितकुल पहुंच गया है, पोर्टर की मदद से ही पुलिस व आईटीबीपी टीम ट्रैकरों तक पहुंचने की कोश‍िश कर रही है।

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