Delhi में इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत की कोई बड़ी संभावना नहीं जताई है। ऐसे हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक कार्ययोजना लागू की है।
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सरकार द्वारा जारी इस योजना के तहत सबसे अधिक ध्यान उन लोगों पर दिया गया है जो खुले में काम करने को मजबूर हैं। निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और दिहाड़ी श्रमिकों को दोपहर के सबसे गर्म समय यानी 12 बजे से 3 बजे के बीच अनिवार्य विश्राम दिया जाएगा। इस दौरान काम पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लू लगने और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
स्कूलों में भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों के लिए पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था करें और कक्षाओं में वेंटिलेशन तथा पंखों/कूलरों की सुविधा सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर स्कूलों के समय में बदलाव भी किया जा सकता है, ताकि बच्चों को तेज गर्मी में बाहर न निकलना पड़े।
इसके अलावा, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर यात्रियों के लिए ठंडे पानी और ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) की व्यवस्था की जा रही है। यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं।
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स्वास्थ्य सेवाओं को भी इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है। सभी सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष वार्ड और जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपचार दिया जा सके।
जल आपूर्ति को बनाए रखना भी इस योजना का अहम हिस्सा है। पानी की कमी से जूझ रहे इलाकों में टैंकरों के जरिए नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, जल संरक्षण और सही उपयोग को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल गर्मी की तीव्रता बढ़ती जा रही है, जिससे ऐसे हालात बार-बार देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में सरकार के साथ-साथ नागरिकों को भी सावधानी बरतनी जरूरी है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार की यह योजना गर्मी से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसकी सफलता काफी हद तक जनता के सहयोग और जागरूकता पर भी निर्भर करेगी।
सपन दास
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