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शत्रु सम्पत्ति और रेरा कानून का उल्लंघन कर रहे हैं भू-माफिया – अंसारी

अधिकांश क्रेता-विक्रेता बिना शपथ पत्र के सत्पत्ति खरीद रहे हैं, जिसके कारण अवैध कालोनियों का विकास हो रहा है लेकिन क्रेताओं को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है।

By इंडिया वॉइस 
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देहरादून, 26 अक्टूबर। भाजपा के वरिष्ठ नेता इस्लामुद्दीन अंसारी ने कहा कि राजधानी बनने के बाद उत्तराखंड में जमीनों की खरीद फरोख्त के मामले बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। इनमें रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) का लगातार उल्लंघन कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिसका लाभ प्रॉपर्टी डीलर उठा रहे हैं।

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अंसारी ने मंगलवार को कहा कि उत्तराखंड में 2016 में रेरा कानून लागू हुआ जिसके तहत भूमि कारोबार से जुड़े लोगों को रेरा की अनुमति लेकर शपथ पत्र देना अनिवार्य कर दिया था लेकिन रेरा कारोबारी नियमों का उल्लंघन कर सरकार को लाखों की राजस्व क्षति दे रहे हैं। सम्पत्ति खरीदने वालों को ही नियम विरुद्ध सम्पत्तियां बेची जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 500 वर्ग मीटर से अधिक जमीन बेचने में रेरा प्राधिकरण से अनुमति लेना और शपथ देना आवश्यक है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है जबकि देहरादून रजिस्ट्रार का कहना है कि सभी संपत्तियों की खरीदारी में रेरा एक्ट का शपथ पत्र अनिवार्य रूप से लगाया जा रहा है। अधिकांश क्रेता-विक्रेता बिना शपथ पत्र के सत्पत्ति खरीद रहे हैं, जिसके कारण अवैध कालोनियों का विकास हो रहा है लेकिन क्रेताओं को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है।

वरिष्ठ अधिवक्ता डीआर तिवारी का कहना है कि उत्तराखंड तत्कालीन खंडूड़ी सरकार ने एक भूकानून पारित किया था जिसके तहत बाहर का कोई व्यक्ति 500 मीटर से अधिक की सम्पत्ति नहीं खरीद सकता था जिसके कारण 2016 में रेरा एक्ट को लागू किया गया। इस कानून के अनुसार राज्य का कोई भी व्यक्ति अगर 500 वर्ग मीटर से अधिक की सम्पत्ति बेचता है तो उसे शपथ लगाना अनिवार्य होगा। रेरा एक्ट के तहत किसी भी तरह की भूमि या प्रॉपर्टी को हर तरह के विवाद से अलग रखने के लिए व्यवस्थित रियल एस्टेट कैटेगरी में ही बेचने की अनुमति है ताकि पारदर्शी व्यवस्था लागू रहे लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।

यही कारण है कि राज्य में भूकानून की मांग हो रही है जिसे उत्तराखंड क्रांति दल समेत कई दल समर्थन दे रहे हैं लेकिन सच यह है कि तमाम क्रेता-विक्रेता रेरा का पूर्ण उल्लंघन कर रहे हैं। इसका प्रदेश के राजस्व पर भारी प्रभाव पड़ रहा है। इतना ही नहीं शत्रु सम्पत्तियों पर खरीद-बेच करने वालों की नजर है और लगातार करोड़ों की जमीन कौड़ियों में बेचकर मामले का लाभ उठाया जा रहा है।

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इस संदर्भ में भाजपा के वरिष्ठ नेता इस्लामुदीन अंसारी ने जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अस्सिटैंट कस्टोडियन लखनऊ को भी पत्र लिखा है। उन्होंने डालनवाला के 15 ईसी रोड स्थित काबुल हाउस की जमीन की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता इस्लमुद्दीन का कहना है कि वह इस संदर्भ में उच्च न्यायालय जाएंगे।

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