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रंगदारी वसूली मामला: परमबीर सिंह पर आतंकवादी अजमल कसाब का मोबाइल फोन गायब करने का आरोप

शमसेर पठाण ने कहा कि अजमल कसाब के मोबाइल फोन में पाकिस्तान में उसके आकांओं के नंबर थे, साथ ही मुंबई में उन्हें कौन समर्थन दे रहा है, इसकी भी जानकारी थी। ये फोन परमबीर सिंह ने पुलिस को नहीं दिया, इससे बहुत से सवाल खड़ा हो रहे हैं।

By इंडिया वॉइस 
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मुंबई, 25 नवंबर। पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह पर गुरुवार को पूर्व सहायक आयुक्त ने आतंकवादी अजमल कसाब का मोबाइल फोन गायब करने का आरोप लगाया है। पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त शमसेर खान पठान ने इस मामसे में 6 पेज का विस्तृत पत्र मुंबई पुलिस आयुक्त को लिखा है और इसकी जांच करवाने की मांग की है।

परमबीर सिंह पर आतंकवादी कसाब का मोबाइल फोन गायब करने का आरोप

शमसेर खान पठान ने बताया कि जिस समय अजमल कसाब सहित उसके साथियों ने 26 नवंबर को मुंबई पर हमला किया था, उस समय वो पायधुनी पुलिस स्टेशन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक थे। पास के डी.बी. मार्ग के वरिष्ठ निरीक्षक पद पर उस वक्त NR माली कार्यरत थे। हमले के समय जब अजमल कसाब गिरगांव चौपाटी पर पहुंचा, उस समय वो अपने मोबाइल फोन से किसी से बात कर रहा था। अचानक पुलिस ने उस पर काबू पा लिया और हवलदार कांबले ने उसका फोन जब्त कर लिया। उस समय परमबीर सिंह एंटी टेररिस्ट स्कॉड (ATS) के प्रमुख थे, इसलिए हवलदार कांबले ने अजमल कसाब का मोबाइल फोन परमबीर सिंह को दे दिया। इसके बाद जांच में और पंचनामे में कहीं भी अजमल कसाब के मोबाइल का उल्लेख नहीं है, इसलिए उस समय भी उन्होंने ये बात तत्कालीन पुलिस आयुक्त के ध्यान में लाई थी।

शमसेर पठाण ने कहा कि अजमल कसाब के मोबाइल फोन में पाकिस्तान में उसके आकांओं के नंबर थे, साथ ही मुंबई में उन्हें कौन समर्थन दे रहा है, इसकी भी जानकारी थी। ये फोन परमबीर सिंह ने पुलिस को नहीं दिया, इससे बहुत से सवाल खड़ा हो रहे हैं। कहीं परमबीर सिंह ने अजमल कसाब के मोबाइल फोन को गायब कर उससे संबंधित आकाओं को बचाने की कोशिश तो नहीं की, या फिर परमबीर सिंह के पाकिस्तानी आतंकवादियों से संबंध तो नहीं है। साथ ही परमबीर सिंह ने अजमल कसाब के मोबाइल का इस्तेमाल रंगदारी वसूलने में तो नहीं किया, इन सबकी गहन छानबीन की जानी चाहिए।

परमबीर सिंह से 7 घंटे तक पूछताछ

बतादें कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रंगदारी वसूली मामले में गुरुवार को पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह से 7 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के समय परमबीर सिंह के वकील उनके साथ मौजूद थे। पूछताछ के बाद परमबीर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक उन्होंने जांच का सामना करना शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त परमबीर सिंह ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। जानकारी के मुताबिक परमबीर सिंह सर्वोच्च न्यायालय की ओर से गिरफ्तारी से राहत मिलने पर परमबीर सिंह अपने वकील के साथ कांदिवली में मुंबई क्राइम ब्रांच के कार्यालय में मौजूद हुए थे। यहां क्राइम ब्रांच पुलिस के पुलिस उपायुक्त नीलोत्पल और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने परमबीर सिंह से 7 घंटे तक पूछताछ की।

परमबीर सिंह पर महाराष्ट्र में 6 मामले दर्ज

जानकारी के मुताबिक परमबीर सिंह पर महाराष्ट्र में 6 मामले दर्ज हैं। गोरेगांव पुलिस स्टेशन में व्यवसायी विमल अग्रवाल की गोरेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के आधार पर की जा रही है। इस मामले में परमबीर सिंह, विनय सिंह, सचिन वाझे, रियाज भाटी सहित कई को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले में 4 बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस समय न्यायिक हिरासत में है। व्यवसायी विमल अग्रवाल ने अपनी शिकायत में परमबीर सिंह पर झूठा मामला दर्ज ना करने के नाम पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप है। रंगदारी वसूली का मामला दर्ज होने के बाद परमबीर सिंह मई महीने से ही लापता थे। इसी वजह से परमबीर सिंह को फरार घोषित किया गया था और उनकी संपत्ति को जब्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी लेकिन गुरुवार को परमबीर सिंह पुलिस के सामने हाजिर हुए हैं।

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