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गोरखपुर-वाराणसी एनएच रोड के समीप सरयू नदी पर बन रही फोरलेन पुल 80 मीटर तक नदी की धारा मे विलिन

-80 मीटर फोरलेन रोड कटकर विलीन -एनएचएआई अधिकारियो के फुले पांव

By इंडिया वॉइस 
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गोरखपुर/वाराणासी : गोरखपुर-वाराणासी राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोहरीघाट नयी बाजार के समीप सरयू नदी पर बन रहा फोरलेन पूल नदी की धरा में विलीन हो गया है।गोरखपुर जोड़ने हेतु बने इस पूल का अंतिम फाउंडेशन से लेकर 80 मीटर फोरलेन रोड बह जाने से पुल व रोड के बीच अस्सी मीटर की दूरी हो गयी है, वहीं पुल का अंतिम फाउंडेशन नदी के बीच धारा मे डूब चूका है।

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यह भयंकर हादसा नदी के बीच धारा मे फोरलेन रोड बनाने से हुआ है जिससे एनएचएआई के हाथ पांव फुल गये है वही इस पल को बनाने का टेका लिए जेपी ग्रुप को भी भारी नुकसान हुआ है। पीलर के अंतिम छोर पर नदी की धारा मे फोरलेन रोड कटकर विलीन होते जा रहे है एनएचएआई व निर्माण कार्यदायी संस्था जेपी ग्रुप की भारी चूक से यह फोरलेन पुल निर्माण योजना अब दो साल पीछे चली गयी है।  एनएचएआई अधिकारीयों से से इसपर सवाल करने से वह बयान देने से बच रहे है।  गनीमत है की जब फोरलेन काट रहा था तो कोई मजदुर रोड पर काम नहीं कर रहा था वर्ण उनके जान को भी इससे खतरा हो सकता था।

नदी के बीच धारा मे फोरलेन रोड बनाने के बाद जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ा तिनके कि तरह पानी मे रोड बह गया तथा आये दिन फोरलेन रोड नदी की धारा मे बह रहा है। वही जेपी ग्रुप के इंजिनियर पहले से ही कह रहे थे कि नदी के रेत पर यह रोड नही टिकेगा 36 पीलर की जगह 48 पीलर बनाये जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नही हुआ सरयू नदी की तेज धारा मे 80 फोरलेन रोड बह जाने से यह नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की पोल खोल दी है।

नवंबर माह मे गोरखपुर वाराणसी फोरलेन मार्ग चालू करने से पहले ही नई बाजार औझौली फोरलेन का काम अंतिम चरण मे चल रहा था। जेपी ग्रुप एक लेन चालू करने के लिये अंतिम पाये तक पहुँच चुकी थी।अब उसे अंतिम फाउंडेशन पर सेग्मेंट रखना था लेकिन उफनाई नदी ने के कारन यह योजना धरी की धरी रह गयी।

ग्रामीणों ने पूछे सवाल नदी की धारा में कैसे हुआ पल का निर्माण 

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नदी के मेन धारा मे पीलर ढालकर पुल बनाने की जगह फोरलेन का रोड कैसे बन गया ? इस सवाल को लेकर ग्रामीणो ने एनएचएआई व जेपी ग्रुप के प्रति जबरदस्त गुस्सा जाहिर किया है। दोहरीघाट ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार राय उर्फ राजू राय ने कहा कि फोरलेन पुल निर्माण मे भारी अनियमितता उजागर हुई है।कम पीलर नदी मे ढालकर पुल निर्माण किया जा रहा था जबकि नदी के बीच धारा मे पीलर की जगह रोड बनाया गया जो समझ से परे था। प्रदीप ने आगे कहा, लगातार यह चर्चा थी कि नदी मे रोड कैसे टीकेगा जबकि नदी के दोनो तरफ फाउंडेशन वही बनाने चाहिये था जहां नदी का रेता न हो।  आज 80 मीटर फोरलेन कटकर नदी धारा मे विलिन हो गया जो एक भयंकर एनएचएआई की चूक है।  गोठा निवासी पूर्व प्रधान बिजेन्द्र राय ने कहा कि, जब नईबाजार के सामने फोरलेन पुल का निर्माण हो रहा था तो अनेको लोंगो द्वारा सुना गया कि नदी मे पुल बनाने हेतु पीलर कम ढाले गये है वही नदी के मेन धारा मे मिट्टी पाटकर रोड बनाया जा रहा है जबकि नदी की गहराई व उसके बहने के वेग का आंकलन नही किया गया न ही फोरलेन पुल का नक्शा बनाने वाली सर्वे टीम ने स्थानीय लोंगो से पुछताछ की जिसका खामियाजा एनएचएआई को भुगतान पड़ा है।  धनौली निवासी मारकण्डेय राय ने कहा कि पुल निर्माण मे मानको की धज्जीया उड़ा दी गयी हैं। कहीं नदी की धारा पर रोड नही बना है पल निर्माण से पहले कम से कम सरयू नदी पर बने दोहरीघाट बड़हलगंज पुल से नसीहत लिया गया होता तो आज यह नौबत नही आती।  एनएचएआई इंजीनियरों की लापरवाही के कारण इस रोड पर आवागमन अब दो साल पीछे चला गया है।

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