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फ्रांस की मैरी को पसंद आया बिहारी दूल्हा, सात समंदर पार आकर गांव में रचाई शादी

पूरी तरह से सनातन परंपरा के आधार पर वैदिक रीति रिवाज के साथ शादी संपन्न होने के बाद सोमवार को दिन में भी विदेशी दुल्हन को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।

By इंडिया वॉइस 
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बेगूसराय, 22 नवंबर : भारतीय सनातन संस्कृति का डंका पूरे विश्व में लहरा रहा है। यह सिर्फ कहने की बात नहीं है, बल्कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण रविवार की रात बिहार के बेगूसराय में दिखा। जहां अपने प्रेमी को जीवनसाथी बनाने के लिए फ्रांस के पेरिस की एक युवती सात समंदर पार कर गांव आ गई। रविवार की रात यहां जब दोनों की शादी हुई तो विदेशी दुल्हन को देखने के लिए गांव-समाज की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई। पूरी तरह से सनातन परंपरा के आधार पर वैदिक रीति रिवाज के साथ शादी संपन्न होने के बाद सोमवार को दिन में भी विदेशी दुल्हन को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।

मामला बेगूसराय जिला के भगवानपुर कटहरिया का है। जहां कि रामचंद्र साह के पुत्र राकेश कुमार ने पेरिस की रहने वाली व्यवसायी मैरी लोरी हेरल के साथ सनातन परंपरा के अनुसार विवाह रचाया है। सात समंदर पार से विवाह करने के लिए ना सिर्फ लड़की आई थी, बल्कि लड़की के परिजन भी साथ आए थे। अगले सप्ताह फिर दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के माता-पिता विदेश लौट जाएंगे।

लड़का राकेश कुमार के पिता रामचंद्र साह ने बताया कि मेरा पुत्र दिल्ली में रहकर देश के विभिन्न हिस्सों में टूरिस्ट गाइड का काम करता था। इसी दौरान करीब छह साल पहले उसकी दोस्ती भारत घूमने आई मैरी के साथ हो गई। भारत से वापस अपने देश जाने के बाद भी मैरी और राकेश में बराबर बातें होती रहती थी। दोनों की बातचीत कब प्रेम प्रसंग में बदल गया, इसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद करीब तीन साल पहले राकेश भी पेरिस चला गया और वहां मैरी के साथ मिलकर पार्टनरशिप में कपड़ा का व्यवसाय करना शुरू कर दिया।

कपड़ा का व्यवसाय करने के दौरान दोनों का प्रेम-प्रसंग प्रगाढ़ होता गया। इसकी जानकारी जब मैरी के परिजनों को लगी तो उन्होंने दोनों के शादी की स्वीकृति दे दी। पहले पेरिस में ही शादी का प्लान बना, लेकिन मैरी को भारतीय सभ्यता और संस्कृति इतना पसंद था कि उसने भारत आकर अपने होने वाले पति के गांव में शादी करने का प्लान बनाया। इसके बाद मैरी अपने माता-पिता एवं राकेश के साथ गांव आ गई। जहां रविवार की रात भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों की शादी संपन्न कराई गई है। रात में मंडप में जब शादी की रस्म हुई तो शादी के सुर्ख जोड़े में सजी मैरी अचंभे में पड़ गई, नाइन द्वारा पैर रंगने से लेकर सिंदूरदान की रस्म होने तक वह लगातार अचंभित होती रही।

अभी एक-दो दिन मुंह दिखाई एवं चौठ-चौठारी का रस्म होगा, उसके बाद विदाई होगी। मैरी अपने प्रेमी के साथ शादी कर काफी खुश है। भारतीय भाषा वह अच्छी तरीके से समझ और बोल नहीं पा रही है लेकिन खुशी का इजहार करते हुए उसने अंग्रेजी में कहा है कि मैंने अपना सपना साकार कर लिया। अपने भारतीय पति के साथ काफी खुश हूं, मायके फ्रांस से ससुराल भारत आना-जाना होता रहेगा। फिलहाल रामचंद्र साह और उनकी पत्नी किरण देवी विदेशी बहू पाकर काफी खुश हैं तथा उन्हें अपने पुत्र पर गर्व हो रहा है, जिसने सात समंदर पार की लड़की को अपना दुल्हन बना लिया।

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