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सावधान : दिल्ली-एनसीआर में गहरा सकता है पेयजल संकट, जानें क्या है कारण !

वहीं इससे दिल्ली-एनसीआर में गंगा के पेयजल का संकट गहराने के आसार है।

By इंडिया वॉइस 
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मेरठ, 16 अक्टूबर। वार्षिक सफाई कार्यों के लिए अपर गंग नहर में शुक्रवार की आधी रात से पानी बंद कर दिया गया है। वहीं इससे दिल्ली-एनसीआर में गंगा के पेयजल का संकट गहराने के आसार है। ऐसे में नलकूपों के सहारे ही लोगों को पीने के पानी की आपूर्ति की जाएगी।

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आपको बता दें कि अपर गंग नहर और उससे जुड़े रजवाहों की वार्षिक सफाई के लिए शुक्रवार की आधी रात से गंग नहर बंद को बंद कर दिया गया है जिससे कि अब चार नवम्बर तक गंग नहर में पानी नहीं आएगा। इस कारण से जहाँ एक तरफ लोगों को पेयजल के संकटो का सामना करना पड़ सकता है वहीं दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई का संकट झेलना होगा।

इस दौरान 22 दिन तक लोगों को दूसरे संसाधनों से पेयजल मुहैया कराया जाएगा। इस कारण दिल्ली और एनसीआर के मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा में पेयजल का संकट गहराने के आसार हैं। इन सभी जगहों पर गंग नहर से पेयजल की पाइप लाइन के जरिए आपूर्ति की जाती है।

मेरठ में नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों तक पेयजल पहुंचाने का दावा किया है। इसके लिए नगर निगम ने सर्किट हाउस, विकास पुरी, पीएल शर्मा स्मारक स्थित स्काडा सिस्टम संचालित बंद नलकूपों को भी चालू करके पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। कुल 10 नलकूपों को 18 घंटे तक लगातार चलाकर पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। नगर निगम के जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव का कहना है कि मेरठ शहर को पेयजल की आपूर्ति में दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

गेहूं की बुआई होगी प्रभावित

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वहीं जहाँ एक तरफ गंग नहर का पानी बंद होने से पेयजल की समस्या उत्पन्न होने वाली है वहीं बताया जा रहा है कि गंग नहर से जुड़े रजवाहों में पानी नहीं आने के कारण गेहूं की बुआई भी प्रभावित होगी। गेहूं बोने के लिए किसान इस समय पलेवा करने की तैयारी में जुटे हैं। रामपुर मोती गांव के किसान अशोक चौधरी का कहना है कि नहरों में पानी नहीं आने के कारण गेहूं की बुआई पिछड़ जाएगी। सभी किसानों के पास नलकूपों की सुविधा नहीं होने से हालात बिगड़ेंगे। उधर विद्युत अधिकारियों का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए नलकूप चलाने को पर्याप्त बिजली आपूर्ति की जा रही है।

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