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गुलाम नबी आजाद ने कहा अगले लोकसभा चुनाव में भी 300 सीटें नहीं जीत पाएगी कांग्रेस

आजाद ने कहा कि कई बार उन पर आरोप लगाए गए कि वह अनुच्छेद 370 पर बात नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह संसद में अकेले सदस्य थे, जिन्होंने बार-बार अनुच्छेद 370 और 35-ए का मुद्दा उठाया।

By इंडिया वॉइस 
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पुंछ, 2 दिसंबर : कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की पुनर्बहाली अब मुमकिन नहीं है। आजाद ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में वे कोई झूठा वादा नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस 300 सीटें ला सके, तो ऐसा कर पाएगी। लेकिन फिलहाल पार्टी इस स्थिति में नहीं दिखती।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री आजाद पुंछ राजौरी क्षेत्र के चार दिवसीय दौरे में पुंछ के कृष्ण चंद्र पार्क में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। आजाद ने कहा कि कई बार उन पर आरोप लगाए गए कि वह अनुच्छेद 370 पर बात नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह संसद में अकेले सदस्य थे, जिन्होंने बार-बार अनुच्छेद 370 और 35-ए का मुद्दा उठाया।

आजाद ने कहा कि अनुच्छेद 370 को फिर बहाल करना अब या तो सुप्रीम कोर्ट के हाथ में है या फिर सरकार के। मौजूदा सरकार ने इसे हटाया है, तो हम उनसे इसकी उम्मीद नहीं कर सकते। अगर कांग्रेस 300 सीटें हासिल करती है, तो वह इसे बहाल करने के लायक नहीं बनती है। आजाद ने जोड़ा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें इसकी उम्मीद नहीं है। वह चाहते हैं कि कांग्रेस बेहतर करे और वह अल्लाह से इसकी दुआ भी करते हैं परंतु अभी वह लोगों से कोई वादा नहीं करेंगे।

गुलाम नबी आजाद ने अनुच्छेद 35-ए और 370 को निरस्त करने को एक संवैधानिक संशोधन करार दिया। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि यह सब गलत तरीके से किया गया क्योंकि ऐसा कोई संशोधन लाने के लिए केवल राज्य विधानसभा को अधिकृत किया गया था, पर इसे संसद में लाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य का विभाजन केवल राज्य विधानसभा के माध्यम से किया जा सकता है न कि संसद के माध्यम से। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और मैं इस पर आगे टिप्पणी करने से बचूंगा।

आजाद ने यह भी कहा कि राज्यपाल और उपराज्यपाल अच्छे रहे हैं और वर्तमान एलजी भी हैं लेकिन नौकरशाही की व्यवस्था अच्छी नहीं है।उन्होंने कहा कि विधायक जैसे निर्वाचित प्रतिनिधि जनता और सरकार के बीच का रास्ता हैं, जो अब गायब हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि जम्मू-कश्मीर में चल रहे परिसीमन अभ्यास को इस सर्दियों में ही पूरा किया जाए और राज्य का दर्जा बहाल किया जाए और बिना किसी देरी के चुनाव कराया जाएं।

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