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भारतीय रेलवे का 649 किमी लंबा कटिहार-गुवाहाटी रेलखंड हुआ इलेक्ट्रिफाइड

अब कटिहार-गुवाहाटी खंड के विद्युतीकरण होने से नई दिल्ली से पूर्वोत्तर के बीच रेलगाड़ियों का संचालन बिजली से किया जा सकेगा।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। भारतीय रेलवे ने बिहार के कटिहार से असम के गुवाहाटी तक कुल 649 किलोमीटर के रूट पर विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है। कटिहार-गुवाहाटी खंड के विद्युतीकरण होने से नई दिल्ली से पूर्वोत्तर के बीच रेलगाड़ियों का संचालन बिजली से किया जा सकेगा।

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रेल मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय रेल ने 2023-24 तक अपने संपूर्ण ब्रॉड गेज नेटवर्क के विद्युतीकरण की एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। ये हरित परिवहन सुनिश्चित करेगा और कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा। इससे ईंधन व्यय में कमी आएगी और उच्च गति वाले डीजल (एचएसडी) तेल पर खर्च किए जाने वाले विदेशी मुद्रा भंडार की भी बचत होगी।

इसी कड़ी में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने कटिहार से गुवाहाटी तक अधिक आवागमन वाले नेटवर्क (HDN) के कुल 649 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बड़ी उपलब्धि से अब देश के सभी प्रमुख शहर निर्बाध इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर गुवाहाटी से जुड़ जाएंगे। हरित परिवहन के जरिए राजधानी से जोड़ने के लिए ये पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का एक और कोशिश है।

HSD ऑयल पर खर्च किए गए विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और पूर्वोत्तर क्षेत्र में हरित परिवहन कायम करने के अलावा गुवाहाटी तक रेलवे विद्युतीकरण से एचएसडी ऑयल पर हर साल लगभग 300 करोड़ रुपये के खर्च की जगह पर विदेशी मुद्रा की बचत होगी। एचएसडी तेल की खपत प्रतिमाह लगभग 3,400 केएल कम हो जाएगी। निर्बाध ट्रेन संचालन के कारण न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार में ट्रैक्शन परिवर्तन अब खत्म हो जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी। गुवाहाटी से कटिहार और मालदा टाउन के बीच चलने का समय 2 घंटे तक कम होने की संभावना है। लाइन क्षमता में 10-15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी से उत्तरी सीमांत रेलवे के कई खंडों पर सेचुरेशन के स्तर में कमी आएगी, जिससे अधिक कोचिंग ट्रेनें चल सकेंगी।

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