1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तराखंड
  3. उत्तराखंड : भारी बर्फबारी के बीच भारत-चीन सीमा पर तीन पोर्टर लापता, तलाशी अभियान जारी

उत्तराखंड : भारी बर्फबारी के बीच भारत-चीन सीमा पर तीन पोर्टर लापता, तलाशी अभियान जारी

वायुसेना व राज्य आपदा प्रबंधन से मांगी मदद. आईटीबीपी टीम के साथ लंबी दूरी की गश्त पर थे पोर्टर.

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

उत्तराखंड20, अक्टूबर। भारत-चीन सीमा पर बीते तीन दिनों में हुई बर्फबारी के बीच आईटीबीपी टुकड़ी से तीन पोर्टरों के लापता होने की खबर है। तीनों पोर्टर सीमा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम के साथ लंबी दूरी की गश्त के लिए रवाना हुए थे, जो वापसी के दौरान रास्ता भटक गए। बर्फबारी होने से मंगलवार देर शाम तक इन पोर्टरों का कोई पता नहीं चल पाया। जिसके बाद आईटीबीपी ने इन पोर्टरों को तलाशने के लिए वायु सेना और राज्य आपदा प्रबंधन से मदद मांगी है।

पढ़ें :- Austra Hind-22: भारत और ऑस्ट्रेलिया आज से राजस्थान में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे, जानें क्या है इसका मकसद

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि सीमा पर बीते दिनों हुई बर्फबारी से तीन पोर्टल लापता होने की खबर आईटीबीपी से मिली है। हमने राज्य सरकार से हेलीकॉप्टर की मदद मांगी है। वहीं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि आईईटीबीपी की ओर से बार्डर क्षेत्र में तीन पोर्टरों के लापता होने की सूचना मिली है। आईटीबीपी की ओर से राज्य आपदा प्रबंधन से सहायता मांगी गई है।

नीलापानी चौकी से बार्डर के लिए हुए थे रवाना 

उन्होंने बताया कि लंबी दूरी की गश्त के लिए 15 अक्टूबर को तीन पोर्टरों के साथ आईईटीबीपी की टीम भारत- चीन सीमा स्थित नीलापानी चौकी से बार्डर के लिए रवाना हुई थी। इस टीम में उत्तरकाशी जनपद के तीन पोर्टर भी थे। गश्त के बाद टीम वापस लौटी। टीम के साथ पोर्टर भी वापस लौट रहे थे, लेकिन 17 अक्टूबर को बर्फबारी होने के कारण पोर्टर आईईटीबीपी की टीम से बिछुड़ गए। इन पोर्टरों को 18 अक्टूबर को वापस नीला पानी स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस की चौकी पर लौटना था।

आईटीबीपी की टीम ने पोर्टरों को तलाश करने के लिए 18 और 19 अक्टूबर को रेस्क्यू चलाया लेकिन पोर्टरों का कोई पता नहीं चल पाया। तीन पोर्टरों की तलाश के लिए 18 अक्टूबर को पांच अन्य पोर्टर को भी संसाधनों सहित भेजा गया है। उन पोर्टरों से भी आईटीबीपी की टीम का संपर्क नहीं हुआ है, लेकिन पांच पोर्टरों के पास संसाधन होने के कारण उनके सुरक्षित होने की उम्मीद है।

पढ़ें :- Uttarakhand News:चमोली में 700 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो,एक दर्जन के आस-पास लोगों की मौत

वायु सेना करेगी तलाश

अभी आईटीबीपी की पहली प्राथमिकता तीन पोर्टरों को तलाशने की है। मंगलवार शाम को आईटीबीपी ने राज्य आपदा प्रबंधन से पोर्टरों की तलाश के लिए सहायता मांगी। हालांकि आपदा प्रबंधन के पास इस तरह के हेलीकाप्टर नहीं हैं जो चार हजार मीटर से लेकर साढ़े चार हजार मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू कर सकें।

आईटीबीपी के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने पोर्टरों के रेस्क्यू के लिए वायु सेना से भी संपर्क किया है। वायु सेना का हेलीकॉप्टर मंगलवार शाम को जौलीग्रांट पहुंच चुका है। जिससे उनकी तलाश और रेस्क्यू किया जाएगा। इसके साथ ही नागा और नीला पानी चौकी से भी बुधवार सुबह 20-20 आईटीबीपी जवानों की टीमें खोज व बचाव के लिए रवाना हुई है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...