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झारखंड में दीवाली पर रात में 8 से 10 बजे तक पटाखा चलाने का आदेश, उल्लंघन करते पकड़े गए तो जुर्माना के साथ होगी कार्रवाई

उन्हीं पटाखों की बिक्री हो सकती है जिसकी ध्वनि सीमा 125 डेसीबल से कम हो।

By इंडिया वॉइस 
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रांची : झारखंड में पटाखों पर पहरा लगा दिया गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दिवाली से लेकर नए साल तक पटाखा चलाने के समय तय कर दिए हैं। इस संबंध में जारी गाइडलाइन के मुताबिक दिवाली, छठ और गुरु पर्व पर सिर्फ 2 घंटे पटाखे चलाने की इजाजत होगी। वही क्रिसमस और नए साल में सिर्फ 35 मिनट का वक्त पटाखा चलाने के लिए दिया गया है। दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक, छठ पर सुबह 6 से 8 बजे तक ही पटाखे चलाए जाएंगे। जबकि गुरु पर्व पर रात 8 से 10 बजे और क्रिसमस (24 दिसंबर) और नए साल (31 दिसंबर) को रात के 11:55 से 12:30 बजे तक की पटाखे चलाने की अनुमति होगी। वहीं पटाखों की बिक्री के संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य में कोई भी बिना लाइसेंस के पटाखे नहीं बेच सकते हैं। इसमें कहा गया है कि उन्हीं पटाखों की बिक्री हो सकती है जिसकी ध्वनि सीमा 125 डेसीबल से कम हो।

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जानिए सिर्फ दो घंटे ही आतिशबाजी क्यों

प्रदूषण नियंत्रण परिषद के निर्देश में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश का हवाला दिया गया है। कहा गया है कि झारखंड सभी जिलों को शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता का स्तर अच्छा या संतोषप्रद है। आतिशबाजी के बाद पर्यावरण का स्तर बिगड़ने की आशंका है। इसलिए यहां सिर्फ 125 डेसिबल से कम के ही पटाखे चलाए जा सकते हैं। ताकि वायु की गुणवत्ता का स्तर बना रहे। गौरतलब है कि पिछले साल दीवाली के बाद शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर नीचे चला गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

नियम तोड़ा तो एक माह की हो सकती है जेल

नियम तोड़ने पर आईपीसी-188 और वायु प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम की धारा 37 के तहत कार्रवाई होगी। नियम के पालन को लेकर शहर को जोन में बांट मजिस्ट्रेट तैनात होंगे। पुलिस पर भी नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी होगी। उल्लंघन करते कोई पकड़ा गया तो 1 महीने की जेल या जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है। अगर लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा होता है या दंगे की स्थिति बनती है तो 6 माह की जेल या 1000 रुपया जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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