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झारखंड: JPSC प्रत्याशियों का हंगामा मामला, 2 BJP विधायकों समेत 13 लोगों पर केस दर्ज, राज्यपाल ने मामले में संज्ञान लिया

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने JPSC की 7वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी के लग रहे आरोप और इसे लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के मामले में संज्ञान लिया है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

25 नवंबर, नई दिल्ली। रांची पुलिस ने झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) प्रत्याशियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामे मामले में दो बीजेपी विधायकों समेत 13 लोगो के खिलाफ नामजद केस दर्ज किए हैं।

BJP का प्रदेश सरकार पर हमला

बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल का कहना है कि छात्रों और जनप्रतिनिधियों पर झूठी प्राथमिकी दर्ज करवाना, न्याय की मांग को दबाने का प्रयास है। लेकिन हम डरने वाले नहीं है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पिछले दिनों JPSC अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर तय समय के मुताबिक जेपीएससी अध्यक्ष से मिलने जा रहे थे। लेकिन सरकार के इशारे पर प्रशासन ने अनावश्यक रूप से अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों पर लाठीचार्ज करवाया। सरकार की तानाशाही यहीं नहीं रुकी, उन्होंने छात्रों और जनप्रतिनिधियों पर झूठी प्राथमिकी भी दर्ज करवा दी।

सरकार दिखा रही है लाठी-डंडों और केस का भय- नवीन जायसवाल

नवीन जायसवाल ने कहा कि लाठी-डंडे और केस का भय दिखा कर प्रदेश सरकार छात्रों की आवाज और जनप्रतिनिधियों की कोशिशों को दबाने का प्रयास कर रही है। ये सिर्फ इसलिए हो रहा है कि सरकार अपनी गलतियों को उजागर होने देना नहीं चाहती हैं। लाठीचार्ज और उसके बाद FIR दर्ज करवाना इस सरकार की तानाशाही और हताशा को दर्शाता है। अपनी नाकामियों को छुपाकर झारखंड के हजारों युवाओं की आवाज को कुचलने की मंशा पर ये अनैतिक कार्रवाई सरकार कर रही है।

हर साल 5 लाख सरकारी नौकरी देने के अपने झूठे वादे के सहारे सत्ता पर काबिज हुई हेमंत सोरेन सरकार छात्रों के भविष्य से ही खिलवाड़ करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि वो झारखंड सरकार को आगाह करना चाहते हैं कि झारखंड के युवाओं का भविष्य बर्बाद ना करें। यहां के युवा झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। सरकार चाहे तो हम पर सैकड़ों झूठे मुकदमे करवा दे पर जब तक इन अभ्यर्थियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हो जाती। बीजेपी के साथ-साथ हम सभी जनप्रतिनिधि छात्रों के इस आंदोलन में उनके साथ मजबूती के साथ खड़े रहेंगे।

पहले लाठी, अब एक दिन बाद FIR- भानू प्रताप साही

वहीं बीजेपी नेता भानू प्रताप साही ने भी झारखंड सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि- पहले लाठी, अब एक दिन बाद FIR, क्या सोच रहे हैं आप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। हम लोग डर जाएंगे ये बिल्कुल नहीं होगा। JPSC छात्रों के लिए हमें आपके जो भी जुल्म सहने होंगे हम तैयार हैं। मत भूलिए हम समुंदर हैं एक दिन लौट के ज़रूर आएंगे।

जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है- बाबूलाल मरांडी

उधर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मामले पर कहा कि ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।’ JPSC अभ्यर्थियों के लिए आंदोलन कर रही बीजेपी विधायक शशि प्रताप और नवीन जैसवाल समेत 13 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर सरकार इस मुद्दे पर हमें डराना चाहती है, ये उनका भ्रम है। बीजेपी राज्य के युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री के ट्वीट के जवाब में बीजेपी नेता भानू प्रताप साही ने कहा कि आर पार की लड़ाई की वक़्त आ चुका है। बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता इन छात्र छात्राओं के लिए जान लगा देगा।

झारखंड बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि झारखंड की भ्रष्ट हेमंत सरकार ने एक बार फिर लाठी और फ़र्ज़ी मुकदमों के बल पर युवाओं की आवाज को कुचलने की कोशिश की है जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। आखिर युवाओं से सरकार इतना क्यों डरी हुई है की आंदोलन के एक दिन बाद छात्रों और बीजेपी नेताओं पर झूठे केस दर्ज किए गए हैं ?

झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने लिया मामले में संज्ञान

वहीं झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने JPSC की 7वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी के लग रहे आरोप और इसे लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी के मामले में आयोग के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी को बुधवार को राजभवन बुलाकर पूरी जानकारी ली। उन्होंने अध्यक्ष से पूछा कि अभ्यर्थी किस आधार पर परीक्षा के परिणाम का विरोध कर रहे हैं। राज्यपाल ने JPSC के अध्यक्ष के साथ-साथ रांची के SSP सुरेंद्र कुमार झा को भी असफल अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के मामले में राजभवन बुलाया।

बता दें कि मामले में मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान में 300-400 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। प्रदर्शन के दौरान रांची में काफी हंगामा हुआ था। झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से पिछले दिनों आयोजित 7-10वीं पीटी का रिजल्ट रद्द करने की मांग को लेकर जेपीएससी कार्यालय जा रहे प्रत्याशियों पर मंगलवार को पुलिस ने लाठी चार्ज किया था। इसके बाद आंदोलनरत प्रत्याशियों का एक प्रतिनिधिमंडल जेपीएससी के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी से मिला था। चौधरी ने 4 दिनों में उनकी शिकायतें दूर करने का वादा किया है।

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