1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. महाराष्‍ट्र : बेड दे दो नहीं तो मार दो, अस्‍पताल के बाहर दिखा ये मंजर

महाराष्‍ट्र : बेड दे दो नहीं तो मार दो, अस्‍पताल के बाहर दिखा ये मंजर

देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के चलते हालात दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। हालात ये हैं कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्‍पतालों में बेड्स तक कम पड़ने लगे हैं।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

 

पढ़ें :- मनी लॉन्ड्रिंग मामला: छत्तीसगढ़ के सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया को ईडी ने किया गिरफ्तार

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के चलते हालात दिन प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं। हालात ये है कि  मरीजों के लिए अस्‍पतालों में बेड्स तक कम पड़ने लगे हैं। अस्‍पतालों के बाहर हर कोई डॉक्‍टरों से अस्‍पताल में भर्ती करने की अपील कर रहा है।

ये नजारा केवल महाराष्‍ट्र ही नहीं देश के अन्य शहरों में भी स्थिति ज्‍यादा अच्‍छी नहीं है। मुंबई से 850 किमी. दूर चंद्रपुर में तो अस्‍पतालों में बेड न होने के कारण मरीजों को वापस कर दिया जा रहा है। हालात ये हैं कि एक बेटा अपने पिता को लेकर दर दर भटक रहा है, लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला ही कोई नहीं है।अस्पतालों का चक्कर काट चुके सागर किशोर नाहरशेतिवार ने कहा कि या तो उसके पिता को चिकित्सीय मदद दी जाए या इंजेक्शन देकर उनकी जान ले ली जाए।

चंद्रपुर में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से सभी अस्‍पतालों को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसे में बड़ी संख्‍या में अस्‍पतालों के बाहर मरीजों को देखा जा रहा है। कई मरीज एंबुलेंस से अस्‍पताल तो पहुंच गए हैं, लेकिन उन्‍हें अस्‍पताल में जगह नहीं दी जा रही है। इन्‍हीं में से एक एंबुलेंस के पास नाहरशेतिवार और उनके पिता मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वे मंगलवार दोपहर तीन बजे से ही अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। पहले वे चंद्रपुर में स्थित वरोरा अस्पताल गए, बाद में कई निजी अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें अभी तक बेड नहीं मिल सका है।

नाहरशेतिवार के मुताबिक महाराष्‍ट्र के किसी भी अस्‍पताल में बिस्‍तर नहीं मिलने के कारण वह रात करीब 1.30 बजे वे तेलंगाना गए थे। करीब तीन बजे तेलंगाना पहुंचने के बाद भी उन्‍हें बेड नहीं मिला है। सागर किशोर का कहना है कि अस्पताल में बेड का इंतजार करते-करते अब उनकी ऑक्सीजन भी खत्म हो रही है। उन्होंने गुहार लगाते हुए कहा कि या तो उनके पिता को बेड मुहैया कराया जाए या इंजेक्शन लगाकर उनकी जान ले ली जाए।

पढ़ें :- चलती ट्रेन में हुई युवक की मौत, खिड़की का शीशा तोड़कर यात्री की गर्दन में घुसी लोहे की रॉड

हम अब इस तरह से अपने पिता को लेकर कहीं और नहीं जा सकते है। बता दें कि चंद्रपुर में पिछले एक दिन में 850 नए केस सामने आए हैं। इसके अलावा 6 मरीजों की मौत हुई है, जिले में अभी भी 7 हजार के करीब एक्टिव केस हैं। महाराष्‍ट्र के कई जिलों का हाला चंद्रपुर की तरह ही है। राज्य में कई जगहों पर तो वेंटिलेटर्स के साथ ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है। खुद सीएम उद्धव ठाकरे ने हाल ही में ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी करने के लिए सेना से मदद मांगी थी। इसके साथ ही 15 दिन के लिए राज्‍य में जनता कर्फ्यू लगाने का भी फैसला किया गया है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...