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MP को मिले टेक्सटाइल, पेपर निर्माण और वेस्ट-टू-प्रोडक्ट इकाइयों के प्रस्ताव, राज्य में होगा 2,278 करोड़ का निवेश

तीन प्रमुख उद्योगों द्वारा मुख्यमंत्री को मध्य प्रदेश में 2278 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव दिए गए, जिनमें 6000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

By इंडिया वॉइस 
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भोपाल, 08 नवंबर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सोमवार को मंत्रालय में उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में वर्तमान और भावी निवेश की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कई इकाइयों की स्थापना और विकास के लिए उद्योगपतियों को राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही गई। तीन प्रमुख उद्योगों द्वारा मुख्यमंत्री को राज्य में 2278 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव दिए गए, जिनमें 6000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंत्रालय कक्ष में महिमा फाइबर के उद्योगपति रोहित दोषी, अमृत पेपर्स के मनोज बाहेती और होसविन इंसीनेटर के सैयद अरशद अली वारसी ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान इंडोरामा सिंथेटिक्स इंडिया लिमिटेड के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर विशाल लोहिया ने मध्यप्रदेश में दो चरणों मे कुल 1200 करोड़ रुपये के निवेश से टेक्सटाइल क्षेत्र में स्पिनिंग इकाई लगाने की जानकारी दी। वहीं मेसर्स महिमा फाइबर्स प्रा.लि. के प्रबंध संचालक रोहित दोषी ने उनकी कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश में कुल 625 करोड़ के निवेश से प्रस्तावित दो नवीन इकाइयों के बारे में बताया। मेसर्स अमृत पेपर्स प्रा. लि. के संचालक मनोज बहेती ने धार जिले में प्रस्तावित क्राफ्ट पेपर निर्माण इकाई के बारे में अवगत कराया। दो चरणों में इस परियोजना में कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके अलावा होसविन इंसिनेटर के मैनेजिंग डायरेक्टर सैय्यद अरशद अली ने प्रदेश में 153 करोड़ 79 लाख रुपये के निवेश की जानकारी दी।

इंडोरामा सिंथेटिक्स लिमिटेड का 600 करोड़ का निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री चौहान से इंडो-रामा सिंथेटिक्स इंडिया लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर विशाल लोहिया ने मुलाकात कर बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश में 600 करोड़ रुपये के निवेश के साथ टेक्सटाईल क्षेत्र में स्पिनिंग इकाई लगाने का फैसला लिया है। इस परियोजना से 3 हजार 200 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार हासिल होगा। औद्योगिक संस्थान ने दूसरे चरण में भी 600 करोड़ रुपये के निवेश का विचार किया है। इस तरह कुल 1200 करोड़ के निवेश की योजना है। कंपनी प्रदेश के किसानों से कॉटन क्रय करेगी, जिससे किसान वर्ग भी लाभान्वित होगा। वर्तमान में कंपनी कॉटन और पॉलिस्टर यार्न बनाती है। इनके उत्पाद यूरोपियन और दक्षिण अमेरिकन देशों में निर्यात होते हैं।

महिमा फाइबर्स की 625 करोड़ निवेश का प्रस्ताव

मध्यप्रदेश में कॉटन जिनिंग, स्पिनिंग और वीविंग के क्षेत्र में कार्यरत महिमा फाइबर्स की वर्तमान में धार और खरगोन जिले में 600 करोड़ रुपये के निवेश की दो इकाइयां काम कर रही हैं। महिमा फाइबर्स के MD रोहित दोषी ने मुख्यमंत्री चौहान को दोनों जिलों में करीब 625 करोड़ रुपये के नवीन निवेश प्रस्तावों से अवगत करवाया, जिसमें लगभग 2,000 लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। मध्यप्रदेश में ये अपनी तरह का अलग औद्योगिक निवेश होगा और जरूरतमंद युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

अमृत पेपर्स करेगी 300 करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री चौहान से अमृत पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक मनोज बाहेती ने मुलाकात कर जानकारी दी कि धार जिले के ग्राम बोदला में 17.75 हेक्टेयर भूमि क्रय की गई है। इस पर एक लाख मीट्रिक टन सालाना क्षमता की क्रॉफ्ट पेपर निर्माण की इकाई की स्थापना की जा रही है। परियोजना के पहले चरण में करीब 150 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे कुल 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। दूसरे चरण में भी करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस तरह कुल लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। वर्तमान में संस्थान द्वारा अखबारी कागज, फोटो कॉपियर पेपर, पैकेजिंग बोर्ड आदि का व्यवसाय किया जा रहा है।

होसविन इंसिनेटर ने 153 करोड़ के निवेश के साथ लगाई वेस्ट-टू-प्रोडक्ट इकाई

मुख्यमंत्री चौहान से होसविन इंसिनेटर के मैनेजिंग डायरेक्टर सैय्यद अरशद अली वारसी ने मुलाकात में बताया कि अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में कंपनी स्थानीय निकायों को सहयोग करती है। पिछले 20 सालों से इंदौर में कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी का संचालन भी किया जा रहा है। नवीन निवेश प्रस्ताव में इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम चीराखान में 153 करोड़ 79 लाख रुपये के निवेश के साथ वेस्ट-टू-प्रोडक्ट इकाई की स्थापना प्रस्तावित है। इस इकाई के लग जाने से लगभग 450 लोगों को रोजगार होगा। जैविक कचरे से खाद, डायपर सेनेटरी के निपटान, प्लास्टिक पुनर्चक्रण और जैव मेथीनेशन से कंप्रेस्ड बायोगैस के निर्माण के कार्य, इस इकाई की स्थापना से संभव हो सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार

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