1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. मप्रः बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित: सीएम शिवराज

मप्रः बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित: सीएम शिवराज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक योजना आम आदमी की भलाई के लिए चलाई जाती है। हमारी ये कोशिश होना चाहिए कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिले।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

भोपाल, 01 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार शाम मंत्रालय में आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के तहत गठित लोक स्वास्थ्य समूह के प्रस्तुतिकरण में स्वास्थय, आयुष और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के लिए व्यापक पैमाने पर कार्य हुए हैं। शासकीय चिकित्सकीय संस्थाओं का उन्नयन कर विशेष रूप से आवश्यक दवाएं और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के मुताबिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में निर्धारित किये गये लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त स्वास्थ्य आकाश त्रिपाठी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा निशांत बरबडे, संचालक एनएचएम प्रियंका दास सहित कई अधिकारी मौजूद थे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।

पढ़ें :- सीवान में कालाजार वाले मरीज ढूंढने वाले को मिलेगा पांच सौ रुपये

2.53 करोड़ आयुष्मान कार्डों का सत्यापन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक योजना आम आदमी की भलाई के लिए चलाई जाती है। हमारी ये कोशिश होना चाहिए कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिले। स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे आम नागरिक योजनाओं से अवगत होकर लाभ ले सके। बैठक में जानकारी दी गई कि आयुष्मान कार्ड बनवाने और नामांकन के लिए ऑन लाइन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में अभी तक कुल 2 करोड़ 53 लाख आयुष्मान कार्ड सत्यापित किए गए हैं।

नर्सिंग सेंटर्स को धंधा बनाने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य का क्षेत्र मानव सेवा का क्षेत्र है। जिन नर्सिंग सेन्टर्स संचालकों की ओर से मानव सेवा छोड़ अपने सेन्टर्स को धन उगाही का केन्द्र बना लिया गया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर FIR दर्ज करें। प्रदेश में हर जरूरतमंद को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।

पढ़ें :- मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स का उन्नयन

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में 5091 उप स्वास्थ्य केन्द्रों का हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर्स में उन्नयन किया जा रहा है। इसके तहत निर्धारित लक्ष्य का 71% काम पूरा हो चुका है। 2850 उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के पद भरने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा 1134 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर्स में उन्नयन किया जा चुका है। निर्धारित लक्ष्य का 95% काम पूरा हो चुका है। इन सेंटर्स पर 128 तरह की दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। निर्धारित अनिवार्य दवा सूची के मुताबिक दवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं।

100 प्रतिशत आयुष हेल्थ सेंटर्स चिन्हित

बैठक में बताया गया कि आयुष हेल्थ एवं वेलनेस केन्द्रों के चिन्हित करने का काम 100% पूरा किया जा चुका है। इन सेंटर्स पर योग शिक्षकों के जरिए 362 केन्द्रों में योगाभ्यास शुरू किया गया है। भोपाल और इंदौर में आयुष सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना का काम लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

55 लाख बच्चों का प्रतिवर्ष होगा पूर्ण टीकाकरण

पढ़ें :- केंद्रीय मंत्री सिंधिया पहुंचे ग्वालियर, दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे में टेका मत्था

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार नियोजन के कार्य को दोबारा गति देने की आवश्यकता बताई। बैठक में बताया गया कि अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन शुरू किया गया है। इसके तहत पिछले दो सालों में लगभग 14 लाख दम्पत्ति लाभांवित हो चुके हैं। पांच साल से कम उम्र के 55 लाख बच्चों का प्रतिवर्ष पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है। आगामी 6 महीनों में टीकाकरण का लक्ष्य 90 प्रतिशत सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने टी.बी. उन्मूलन की दिशा में किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। बताया गया कि साल 2020-21 में एक लाख 75 हजार 130 मरीजों का सफल उपचार किया गया। साल 2021-22 में कुल 60 हजार 997 मरीजों का उपचार किया गया। टी.बी. की रोकथाम के प्रारंभिक स्तर पर दवाओं का छिड़काव और कई आवश्यक कदम उठाये गये हैं। साल 2020-21 में 2 लाख 13 हजार 192 मरीजों को 49.50 करोड़ और साल 2021-22 में एक लाख 3 हजार 250 मरीजों को 18.61 करोड़ का डीबीटी भुगतान किया गया।

MBBS की सीटों में वृद्धि

बैठक में बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों की प्रवेश क्षमता में वृद्धि की गई है। भोपाल और इंदौर के चिकित्सा कॉलेजों में एमबीबीएस के लिये 100 सीटों की वृद्धि की गई है। ग्वालियर, जबलपुर और सागर में सीटों में वृद्धि के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी मंजूरी मिल चुकी है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...