1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. केंद्रीय उद्योगमंत्री नारायण राणे को मिली जमानत

केंद्रीय उद्योगमंत्री नारायण राणे को मिली जमानत

नारायण राणे के वकील ने दलील दी कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है। वकील ने यह भी तर्क दिया कि इस संदर्भ में नारायण राणे से पुलिस को कोई दस्तावेज अथवा तथ्य भी हासिल नहींं करने हैं। साथ ही नारायण राणे उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह से पीड़ित हैं। इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए ।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विरुद्ध कथित अपमानजनक वक्तव्य मामले में केंद्रीय उद्योगमंत्री नारायण राणे  ( Narayana Rane) को रायगढ़ जिले की महाड मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत दे दी है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इसे सत्य की जीत बताया है।

पढ़ें :- मुंबई के इतिहास में आज ठाकरे और शिंदे गुट की अलग-अलग दशहरा रैली, दोनों का पहला शक्ति प्रदर्शन

नरायण राणे  ( Narayana Rane) को मंगलवार दोपहर रत्नागिरी पुलिस ने चिपलुन के गडवली गांव से गिरफ्तार किया था। इसके बाद रत्नागिरी पुलिस ने नारायण राणे को महाड पुलिस को सौंप दिया था। महाड पुलिस ने देर रात नारायण राणे को महाड मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। मजिस्ट्रेट बाला साहेब पाटिल के समक्ष सरकारी वकील ने नारायण राणे की सात दिनों की रिमांड मांगी। इसका विरोध करते हुए नारायण राणे के वकील ने दलील दी कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है। वकील ने यह भी तर्क दिया कि इस संदर्भ में नारायण राणे से पुलिस को कोई दस्तावेज अथवा तथ्य भी हासिल नहींं करने हैं। साथ ही नारायण राणे उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह से पीड़ित हैं। इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए । इस पर मजिस्ट्रेट ने नारायण राणे को जमानत मंजूर कर दी।

आरोप है कि रायगढ़ जिले के महाड में एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ( Narayana Rane) ने पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackrey)  के विरुद्ध अपमानजनक वक्तव्य दिया था। इसके बाद महाड पुलिस स्टेशन में नारायण राणे ( Narayana Rane) के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। साथ ही इसी मामले को लेकर नासिक सायबर पुलिस में भी मामला दर्ज किया था। इस मामले में नासिक सायबर पुलिस के उपायुक्त दीपक पांडे ने नारायण राणे को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया था। आदेश के बाद नासिक पुलिस रत्नागिरी पहुंची और भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच नारायण राणे को गिरफ्तार कर लिया। राणे को पहले नासिक के संगमेश्वर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां मेडिकल चेकअप आदि के बाद ऐसा लगा कि उन्हें नासिक के ही किसी कोर्ट में पेश किया जायेगा। काफी ऊहापोह के बाद तथ्य रखा गया कि नारायण राणे पर सर्वप्रथम मामला महाड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। इस आधार पर रत्नागिरी पुलिस ने नारायण राणे ( Narayana Rane) को महाड पुलिस स्टेशन को सौंप दिया ।

इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि नारायण राणे ( Narayana Rane) को जमानत मिलने के बाद भाजपा के लिए यह मामला यहीं समाप्त हो गया है । लेकिन भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा कल से फिर से शुरू की जाएगी । अगर इस दौरान सत्तापक्ष की ओर से कुछ किया गया तो भाजपा इसका करारा जवाब देगी।

इसके पहले शिवसैनिकों ने मंगलवार दिनभर राणे के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किए । उनके आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को हलका बल प्रयोग करना पड़ा, जबकि राणे परिवार की मील्कियत वाले एक मॉल में तोड़फोड़ भी की गई। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने राणे के खिलाफ अलग-अलग कई जगह मुकदमे दायर करने का निर्णय लिया था।

पढ़ें :- कश्मीर में शिवसेना की बड़ी चेतावनी, अल्पसंख्यकों पर हमले नहीं रुके तो भुगतना होगा अंजाम

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...