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विंध्यधाम नाव हादसा : न नाव मिली न डूबे लोग, पुतला बनाकर किया दाह संस्कार

मृतकों की तेरहवी के बाद खोजने फिर आएंगे विंध्याचल

By इंडिया वॉइस 
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विंध्याचल के अखाड़ा घाट पर डूबे बिहार के पांच लोगों का अब तक कोई पता नहीं चलने पर परिजन उनका पुतला बनाकर दाह संस्कार करने के बाद वापस लौट गए। कहा कि घर जाकर सभी की तेरहवीं कार्यक्रम करने के बाद वे लोग एक बार फिर लापता लोगों की खोजबीन के लिए विंध्याचल आएंगे।

आठ सितम्बर की दोपहर अखाड़ा घाट पर बीच गंगा में डूबी नाव के दौरान बिहार के बक्सर जिला निवासी विकास ओझा की पत्नी गुड़िया व झारखंड निवासी राजेश तिवारी की पत्नी खुशबू तिवारी तथा दीपक तिवारी की पत्नी अमीषा तिवारी समेत छह लोग डूब गए थे। इनकी खोजबीन चल रही थी। घटना के दूसरे दिन नगर के फतहां घाट से डूबे हुए एक बालक शौर्य ओझा का शव बरामद होने पर परिवार के लोगों ने सोचा कि अन्य लोगों का भी शव बरामद हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले पांच दिनों से घाट पर दिन-रात अपने परिजनों की खोज में लगे रिश्तेदारों समेत अन्य लोग थक-हारकर चूर हो गए, लेकिन डूबे लोगों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया। डूबी हुई नाव भी अभी तक बरामद नहीं हो पाई। जबकि इसकी खोजबीन के लिए एनडीआरफ वाराणसी की दो टीमें, स्थानीय गोताखोर व विंध्याचल पुलिस लगी हुई है। बावजूद इसके डूबे हुए लोगों को पुलिस बरामद नहीं कर पाई। इसको लेकर परिवार के लोगों में काफी आक्रोश है। परिवार के लोगों ने कहा कि प्रशासन पूरी तरीके से निष्क्रिय है। इसके चलते उनके परिवार के लोगों का शव नहीं मिल पाया। इस बात की कशक उनके मन में हमेशा रहेगी। प्रशासन का कहना है कि घटना को बीते पांच दिन से अधिक समय हो चुका है। इससे उनको खोजना मुश्किल है, फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि वे लोग बरामद हो जाए।

नाविक के कहने पर गंगा की सैर करने चले गए

झारखंड और बिहार से राजेश कुमार दीपक तिवारी व विकास ओझा अपने परिवार के साथ आठ सितम्बर को मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने विंध्यधाम आए थे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन से पहले गंगा स्नान के लिए अखाड़ा घाट पर गए और नाविक के कहने पर गंगा की सैर करने चले गए। सैर-सपाटा व गंगा उस पार स्नान के बाद वापस लौटते समय बीच में तेज हवा व पानी की लहर से नाव अनियंत्रित होकर बीच गंगा में ही समाहित हो गई। नाव पर 11 दर्शनार्थी, वाहन चालक, नाविक व फोटोग्राफर समेत कुल 14 लोग सवार थे। नाव डूबते देख नाविक व फोटोग्राफर कूदकर भाग निकले। वहीं, दर्शनार्थी परिवार से तीन मासूम व तीन महिलाएं गंगा में डूब गईं। जबकि छह अन्य परिवार के सदस्य सुरक्षित बच गए थे।

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