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अनुसूचित जातियों के लिए ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, जानें क्या होंगे लाभ 

मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि इन वर्गों के लोगों के लिए नौकरी में आरक्षण रहेगा और बजट भी बढ़ाया जा रहा है। अनुसूचित जाति के लिए बजट बढ़ा दिया गया है। अब से सरकारी नौकरियों में 22 प्रतिशत जगह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।

By इंडिया वॉइस 
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पश्चिम बंगाल में रहने वाली अनुसूचित जातियों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ी घोषणा की है। पिछड़ा वर्ग विकास बोर्ड की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि इन वर्गों के लोगों के लिए नौकरी में आरक्षण रहेगा और बजट भी बढ़ाया जा रहा है। अनुसूचित जाति के लिए बजट बढ़ा दिया गया है। अब से सरकारी नौकरियों में 22 प्रतिशत जगह पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।

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बुधवार को प्रदेश में नवगठित अनुसूचित जाति विकास परिषद की पहली बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से चर्चा की और वहीं फैसले लिए गए हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी ने अनुसूचित जातियों के विकास के लिए कई और अहम फैसलों का जिक्र भी किया है।

तीसरी बार सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए एक अलग अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद का गठन किया था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछड़े वर्ग के लिए देश में पहली बार ऐसा बोर्ड बनाया गया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। उस परिषद की पहली बैठक बुधवार को सचिवालय नवान्न में हुई। पिछड़ा वर्ग के जनप्रतिनिधि सह बालागढ़ के तृणमूल विधायक मनोरंजन व्यापारी के अलावा परिषद के अन्य सदस्य भी उपस्थित हुये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अनुसूचित छात्रों के लिए अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जा रहे हैं। उनकी शिक्षा का खर्च ”शिक्षाश्री” परियोजना के तहत वहन किया जा रहा है। साथ ही उनकी उच्च शिक्षा के लिए इस वर्ष से कम ब्याज पर ऋण शुरू किया जा रहा है। इस बीच, राज्य में विभिन्न परियोजनाओं से अनुसूचित जाति की कई महिलाओं को लाभ हुआ है। राज्य सरकार की ”दुआरे सरकार” योजना के तहत उन्हें जाति प्रमाण पत्र देने में काफी सफल है। इस शिविर से अनेक लोगों को प्रमाण-पत्र बहुत जल्दी मिल गए। आज की बैठक में परिषद के सदस्यों ने इन सभी फायदे और नुकसान का जिक्र किया और समस्या का त्वरित समाधान भी बताया।

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