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जटिल जलवायु प्रणाली को समझने के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला भौतिकी का नोबेल

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से स्यूकुरो मानेबे, क्लाउस हैसलमैन और जियोर्जियो पारिसि को दिया गया है।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 05 अक्टूबर। इस वर्ष का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से स्यूकुरो मानेबे, क्लाउस हैसलमैन और जियोर्जियो पारिसि को दिया गया है। उन्होंने पृथ्वी की जलवायु और मनुष्य इसे किस प्रकार प्रभावित कर रहा है इसके बारे हमारी समझ बढ़ाई है। साथ ही इनके सिद्धांतों ने ‘अव्यवस्थित तंत्र’ और ‘बेतरतीब प्रक्रियाओं’ के क्षेत्र में क्रांति ला दी है।

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रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के अनुसार विज्ञान में जटिल प्रणालियों को बेतरतीब माना जाता हैं। इन्हें समझना मुश्किल होता है। इस वर्ष का पुरस्कार उनका वर्णन करने और उनके दीर्घकालिक व्यवहार की भविष्यवाणी करने के लिए नए तरीकों को मान्यता देता है।

पुरस्कार के तौर पर नोबेल डिप्लोमा, एक पदक और 1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर राशि दी जायेगी। पुरस्कार राशि का एक आधा संयुक्त रूप से स्यूकुरो मानेबे और क्लाउस हासेलमैन को और दूसरा आधा जियोर्जियो पारिसि को दिया जाएगा।

स्यूकुरो मनाबे अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, क्लाउस हैसलमैन जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ मेट्रोलोजी से जुड़े हैं। दोनों ने पृथ्वी की जलवायु का भौतिक मॉडल तैयार करने, परिवर्तनशीलता को आंकने और ग्लोबल वार्मिंग की ठोस भविष्यवाणी करने में योगदान दिया है। जियोर्जियो पेरिसिक इटली के सैपिएन्ज़ा विश्वविद्यालय से जुड़े हैं और उन्होंने परमाणु से लेकर ग्रहों तक के पैमाने पर भौतिक प्रणालियों में विकार और उतार-चढ़ाव के आपसी तालमेल की खोज की है।

स्यूकुरो मनाबे 1931 में जापान के शिंगू में पैदा हुए। 1957 में टोक्यो विश्वविद्यालय से उन्होंने पीएच.डी. की और वह वर्तमान में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी हैं। वहीं क्लॉस हैसलमैन का जन्म 1931 में जर्मनी के हैम्बर्ग में हुआ। 1957 में गोटिंगेन विश्वविद्यालय से उन्होंने पीएच.डी. की। वह वर्तमान में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ मेट्रोलोजी में प्रोफेसर हैं। जियोर्जियो पारिसि का जन्म 1948 में रोम में हुआ था। उन्होंने 1970 में सैपिएंजा विश्वविद्यालय से पीएचडी की। वह वर्तमान में इसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।

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नोबेल भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, चिकित्सा, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र में दिया जाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा व प्रतिष्ठित पुरस्कार है। सभी विधाओं में पुरस्कार विजेताओं को दिसंबर में अलफ्रेड नोबेल की मृत्यु की वर्षगांठ पर सम्मानित किया जायेगा। इन सभी को स्वीडन के महाराज सम्मानित करेंगे।

1901 और 2021 के बीच भौतिकी में 115 बार नोबेल पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इन्हें 219 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने साझा किया है। जॉन बारडीन एकमात्र पुरस्कार विजेता हैं जिन्हें 1956 और 1962 में दो बार भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसका मतलब है कि कुल 218 व्यक्ति भौतिकी में नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
हिन्दुस्थान समाचार

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