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ओडिशा: रिक्शा चालक ने की निस्वार्थ सेवा, तो बुजुर्ग महिला ने की अपनी संपत्ती रिक्शा चालक के नाम…देखिए ये स्टोरी

बुजुर्ग महिला ने अपने रिश्तेदारों के विरोध के बाद भी उसके नाम अपनी तीन मंजिला इमारत और पूरी जायदाद कर दी है। ताकि उसके मरने के बाद रिक्शा चालक को किसी भी तरह से परेशान ना उठानी पड़े।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 14 नवंबर। कहते हैं ना कर्मा अपना फल जरूर देता है और ये हुआ है ओडिशा के कटक जिले में। जहां एक बुजुर्ग महिला ने मानवता ही सबसे बड़ा धन होता है, इसकी एक जीते-जागती मिशाल पेश की हैं। बुजुर्ग महिला की ये मिशाल पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक साबित हो रही है।

दरअसल कटक की रहने वाली बुजुर्ग महिला मिनाती पटनायक ने एक रिक्शा चालक जो उनकी पिछले करीब 25 साल से निस्वार्थ सेवा करता आ रहा था। बुजुर्ग महिला ने अपने रिश्तेदारों के विरोध के बाद भी उसके नाम अपनी तीन मंजिला इमारत और पूरी जायदाद कर दी है। ताकि उसके मरने के बाद रिक्शा चालक को किसी भी तरह से परेशान ना उठानी पड़े।

निस्वार्थ सेवा का रिक्शा चालक को इनाम देने वाली बुजुर्ग महिला मिनाती पटनायक कटक जिले के सुताहटा में रहती हैं। लेकिन दुख की बात ये है कि पिछले साल उनके पति का देहांत हो गया था, जिसके बाद बुजुर्ग मिनाती अपनी बेटी के साथ रहने लगी। लेकिन पति के देहांत के 6 महीने बाद ही उनकी बेटी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिसके बाद मिनाती फिर अपने घर रहने के लिए चली आई। इस बीच पिछले करीब 25 सालों से उनकी निस्वार्थ सेवा करने वाला रिक्शा चालाक बुद्धा सामल उनकी फिर से सेवा करने लगा।

बुजुर्ग महिला मिनाती का कहना है कि बेटी की मौत के बाद सभी रिश्तेदारों ने उन्हें अकेला छोड़ दिया था। लेकिन सिर्फ बुद्धा सामल और उसका परिवार ही उसके साथ था। बुर्जुग महिला ने बुद्धा सामल के निस्वार्थ सेवाभाव को देखते हुए उसके नाम अपनी सारी संपत्ति और और जेवर कर दिए।

वहीं बुद्धा सामल ने मिनाती के फैसले पर कहा कि मैंने उनके सुख और दुख में हर समय साथ दिया। उन्होंने मेरे नाम अपनी पूरी संपत्ति की है मैं उनका आभारी हूं।

बुजुर्ग महिला मिनाती ने कहा कि बुद्धा और उसका परिवार पिछले करीब 25 सालों से मेरे परिवार के साथ हमेशा खड़ा रहा है। जब उनकी बेटी कोमल छोटी थी और वो स्कूल जाया करती थी, तो बुद्धा उसका पूरा ध्यान रखता था। बुद्धा और उसके परिवार ने हमेशा मेरा सम्मान किया है। साथ ही मेरे परिवार के लिए परिवार के सदस्यों से बढ़ कर खड़ा रहा, इसलिए उसके लिए मैंने ये फैसला लिया है।

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