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जानें क्यों मनाया जाता है शहीदी दिवस

सिखों के दसवें गुरु व खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह जी ने आज अपने प्राणों को त्यागा था।

By इंडिया वॉइस 
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सरबंसदानी संत सिपाहीः सिखों के दसवें गुरु, महान योद्धा और खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह जी ने 07 अक्टूबर 1708 को महाराष्ट्र के नादेड़ स्थित श्री हुजूर साहिब में अपने प्राणों का त्याग किया। आखिरी समय में उन्होंने सिखों से गुरु ग्रंथ साहिब को अपना गुरु मानने को कहा। यह दिवस पूरी श्रद्धा के साथ शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ। बचपन के उनके चार वर्ष वहीं बीते। पिता श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद 11 नवंबर 1675 को वे सिख धर्म के दसवें गुरु बने। उन्होंने सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया और उन्हें गुरु के रूप में सुशोभित किया।

इस महान योद्धा और विद्वान आध्यात्मिक गुरु ने 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की। पांच लोग जो अपने सिर देने के लिए तैयार हुए, उन्हें अमृत चखाकर पंच प्यारों का नाम दिया और खुद भी अमृतपान किया, तभी से कहा जाने लगा- वहो वहो गोबिंद सिंह आपे गुरु आपे चेला। उन्होंने सिखों को विशिष्ट पहचान देते हुए पांच ककारों को धारण करने को कहा।

बलिदान परंपरा में अद्वितीय स्थान रखने वाले गुरु गोबिंद सिंह लेखक, चिंतक और संस्कृत सहित कई भाषाओं के ज्ञाता थे। जुल्मों के खिलाफ लोगों की रक्षा के लिए गुरु गोबिंद सिंह जी मुगलों से 14 युद्ध लड़े और सभी युद्धों में विजय प्राप्त की। धर्म की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया इसलिए उन्हें सरबंसदानी कहा जाता है। वे कलगीधर, दशमेश, बाजांवाले आदि उपनामों से भी जाने जाते हैं।

प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देने वाले गुरु गोबिंद सिंह जी मानते थे कि धर्म का मार्ग सत्य का मार्ग है और सत्य की सदा जीत होती है। उनकी मान्यता थी कि किसी को न डराना चाहिए और न ही किसी को डरना चाहिए- भै काहू को देत नहि, नहि भय मानत आन।

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अन्य अहम घटनाएंः

1586ः मुगल शासक अकबर की सेना का कश्मीर में प्रवेश। चक वंश के शासक युसुफ शाह चक ने मुगल सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

1868ः अमेरिका में कोर्नोल विश्वविद्यालय खुला जिसमें 412 छात्रों ने नामांकन लिया। यह उस समय सबसे बड़ी संख्या थी।

1907ः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की प्रमुख सहयोगी रहीं दुर्गा भाभी का जन्म।

1914ः गजल और ठुमरी की सुप्रसिद्ध गायिका बेगम अख्तर का जन्म।

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1922ः पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलिराम भगत का जन्म।

1942ः अमेरिका और ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की घोषणा की।

1950ः मदर टेरेसा ने कोलकाता मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की।

1952ः चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी बनी।

1952ः रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जन्म।

1971ः केरल के प्रसिद्ध नेता, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक के. केलप्पन का निधन।

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1978ः भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी जहीर खान का जन्म।

हिन्दुस्थान समाचार

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