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ओपी राजभर के जिन्ना बयान से मचा सियासी घमासान

यूपी चुनाव से पहले नेताओं के पास चुनावी मुद्दों की कमी होने से वह जिन्ना पर आए दिन कोई न कोई बयान देकर सुर्खियां बटोर रहें हैं।

By इंडिया वॉइस 
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उत्तर प्रदेश, 11 नवंबर – यूपी में चुनावी सरगर्मी तेज होते ही पिछले कुछ वर्षों से शांत बैठे नेता भी आगे आकर चुनावी संग्राम में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश ने जिन्ना की तुलना सरदार वल्लभ भाई पटेल से करके सियासी गलियारों में एक अलग ही माहौल खड़ा कर दिया है। अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ने भी बयान देते हुए कहा है कि जिन्ना यदि प्रधानमंत्री होते तो देश का विभाजन नहीं होता, ऐसे में सत्ता पर आसीन भाजपा नेताओं ने सुहेलदेव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनका बयान सपा द्वारा प्रायोजित है।

यूपी में चुनावी माहौल बनाने के लिए नेता एक के बाद एक विवादित बयान दे रहें हैं। वैसे चुनाव नजदीक आते ही इस तरह का माहौल हर बार देखने को मिलता ही है। सपा के अखिलेश के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर को भी जिन्ना की याद आ गई है। ओपी राजभर ने अपने एक बयान में कहा कि जिन्ना देश के प्रधानमंत्री होते तो देश का विभाजन न होता। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के नेता अनिल राजभर ने कहा कि उनका ये बयान पर्दे के पीछे सीधे तौर पर सपा द्वारा प्रायोजित है। विभाजन के समय जिन्ना द्वारा कराए गए दंगे इस बात को साबित करते हैं कि वह हिंदू विरोधी थे। भारत की पहचान ही हिंदुत्व से हैं। यदि जिन्ना प्रधानमंत्री होते तो आज ओपी राजभर नहीं होते। भारत की प्राचीन सभ्यता को खत्म करने वाली मानसिकता देश के लिए खरतनाक है।

वहीं संभल के नाथ संप्रदाय के औघड़ मठ के महामण्डलेश्वर हितेश्वर नाथ महाराज ने कहा कि जिन्ना पर ऐसा बयान देने वाले या पाकिस्तान के पक्ष में रहने वाले लोग भारत के नागरिक कहलाने के हकदार नहीं है। ओपी राजभर को पाकिस्तान चले जाना चाहिए, देश में रहने वाले ये लोग आतंकी है। फिलहाल जिन्ना पर दिए जाने वाले यूपी में सियासी संग्राम को आगे बढ़ा रहे हैं।

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