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पीएम मोदी ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0’ और ‘अमृत 2.0’ शुक्रवार को करेंगे लॉन्च

उच्च गुणवत्ता वाले शहरी स्थानों को कचरा मुक्त और पानी सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के तहत 'स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0' और 'अमृत 2.0' 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे लॉन्च किया जाएगा।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 30 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0’ और ‘अमृत 2.0’ का शुभारंभ करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले शहरी स्थानों को कचरा मुक्त और पानी सुरक्षा सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और अमृत 2.0 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे लॉन्च किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी एक 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और इसके साथ ही कायाकल्प एवं शहरी सुधार के लिए अटल मिशन 2.0 का शुभारंभ करेंगे। ये प्रमुख मिशन भारत में तेजी से शहरीकरण की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने का संकेत देने के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्य 2030 की उपलब्धि में योगदान करने में भी मददगार होंगे।

‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0’ का लक्ष्य

SBM-U 2.0 सभी शहरों को ‘कचरा मुक्त’ बनाने और अमृत 2.0 के तहत आने वाले शहरों के अलावा बाकी सभी शहरों में धूसर और काले पानी के प्रबंधन को सुनिश्चित करने, सभी शहरी स्थानीय निकायों को ओडीएफ और एक लाख से कम जनसंख्या वाले को ओडीएफ के रूप में तैयार करने की परिकल्पना करता है, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता के लक्ष्ये को पूरा किया जा सके। मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट के स्रोत पृथक्करण, 3-आर, रिड्यूस (कम करें) रियूज (पुन: उपयोग), रिसाइकल (पुर्नचक्रण) के सिद्धांतों का उपयोग करने, सभी तरह के शहरी ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डंपसाइट के सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। एसबीएम-यू 2.0 का परिव्यय लगभग 1.41 लाख करोड़ रुपये है।

‘अमृत 2.0’ का लक्ष्य

अमृत 2.0 का लक्ष्य लगभग 2.64 करोड़ सीवर/सेप्टेज कनेक्शन मुहैया करके लगभग 2.68 करोड़ नल कनेक्शन और 500 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज का शत-प्रतिशत कवरेज करते हुए, लगभग 4,700 शहरी स्थानीय निकायों में सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति का शत-प्रतिशत कवरेज प्रदान करना है, जिससे शहरी क्षेत्रों में 10.5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा। अमृत 2.0 सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को अपनाएगा और सतह-भूजल निकायों के संरक्षण और कायाकल्प को बढ़ावा देगा। मिशन नवीनतम वैश्विक प्रौद्योगिकियों और कौशल का लाभ उठाने के लिए जल प्रबंधन और प्रौद्योगिकी उप-मिशन में डेटा आधारित शासन को बढ़ावा देगा। शहरों के बीच प्रगतिशील प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए ‘पेयजल सर्वेक्षण’ आयोजित किया जाएगा। अमृत 2.0 का खर्च लगभग 2.87 लाख करोड़ रुपये है।

एसबीएम-यू और अमृत ने पिछले सात सालों के दौरान शहरी परिदृश्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन दोनों प्रमुख मिशनों ने नागरिकों को जल आपूर्ति और स्वच्छता की बुनियादी सेवाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि की है। स्वच्छता आज जन आंदोलन बन गया है। सभी शहरी स्थानीय निकायों को खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित कर दिया गया है और 70 प्रतिशत ठोस कचरे को अब वैज्ञानिक रूप से संसाधित किया जा रहा है। अमृत 1.1 करोड़ घरेलू नल कनेक्शन और 85 लाख सीवर कनेक्शन जोड़कर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है, जिससे 4 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।

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