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पीएम ने सोमनाथ में पार्वती मंदिर का किया शिलान्यास, कई परियोजनाओं को किया शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) परिसर में पार्वती माता के मंदिर (Parvati Temple) का शिलान्‍यास किया। इस मौके पर कई अन्य परियोजनाओं को शुरू किया गया।

By इंडिया वॉइस 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के सोमनाथ में वीडियो कांफ्रेंसिंग से कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने मां पार्वती के मंदिर का शिलान्यास करते हुए सोमनाथ प्रदर्शन गैलरी, समुद्र दर्शन कोरिडोर व मंदिर से संबंधित अन्य परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं से पीएम ने धार्मिक टूरिज्म को मजबूती प्रदान की है। इस अवसर पर भाजपा के कई बड़े चेहरे भी एक ही मंच पर देखने को मिले। इस मौके पर आंतकवाद पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकी शक्तियों कुछ समय के लिए हावी तो रहती हैं लेकिन उनका अस्तित्व अस्थायी होता है।

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पीएम ने सरदार पटेल को किया नमन

पीएम मोदी ने इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार पटेल को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय प्राचीन को पुनर्जीवित किया। इस दौरान पीएम ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को भी प्रणाम करते हुए कहा कि अहिल्याबाई होल्कर जी ने विश्वनाथ मंदिर से सोमनाथ तक कई मंदिरों का जीर्णोद्धार किया। उनके व्यक्तित्व में प्राचीन व आधुनिकता का संगम आज भी लोगों के लिए आर्दश बना हुआ है।

सोमनाथ मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां

सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। स्कंदपुराण, श्रीमद भागवत व शिवपुराण में इस मंदिर का जिक्र मिलता है। माना जाता है इस मंदिर को चार चरण में बनाया गया था। बनाने के साथ ही इस मंदिर को कई बार विध्वंस किया गया। लेकिन मानवीय आस्था की तरह यह मंदिर आज भी युगों युगों से दृढ़ रूप से खड़ा है।

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  • माना जाता है कि महमूद गजनवी ने वर्ष 1025 में इस मंदिर पर हमला कर इसकी संपत्ति को लूटकर इसे नष्ट कर दिया था।
  • गुजरात के राजा भीम व मालवा के राजा भोज ने मिलकर इस मंदिर को दोबारा बनाया।
  • कुछ इतिहासकार बताते हैं कि इस मंदिर को 17 बार नष्ट किया गया था।
  • वर्ष 1947 के बाद तत्कालिक गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बनवाया था।
  • वर्ष 1995 में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इस मंदिर को राष्ट्र को सर्मपित किया।
  • इस मंदिर में गर्भगृह, नृत्यमंदिर व सभामंडप बने हुए है।
  • मंदिर के शिखर पर 10 किलो वजनी ध व 27 फुट ऊंचा ध्वज लगाया गया है।

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