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रविवार को पंजाब मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, 15 कैबिनेट मंत्रियों ने ली शपथ

फतेहगढ़ साहिब से विधायक कुलजीत सिंह नागरा का नाम 15 मंत्रियों की सूची से हटा दिया गया है। नागरा की जगह पर रणदीप सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

चंडीगढ़, 26 सितंबर। आखिरकार 6 दिन की कशमकश के बाद पंजाब मंत्रिमंडल का रविवार को विस्तार किया गया है। इससे पहले 20 सितंबर को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शपथ ली थी। जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार के लिए 3 बार दिल्ली में बैठक हुई और रविवार को आखिरी समय में भी एक नाम बदलकर रणदीप सिंह नाभा को शामिल किया गया।

फतेहगढ़ साहिब से विधायक कुलजीत सिंह नागरा का नाम 15 मंत्रियों की सूची से हटा दिया गया है। नागरा की जगह पर रणदीप सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। काका रणदीप सिंह अमलोह से विधायक हैं। वहीं विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने कहा कि मैंने कृषि कानूनों के विरोध में अपना इस्तीफा दे दिया था। मैंने राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने से भी मना कर दिया था।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी मोहिंद्रा ने ली शपथ

मंत्रीमंडल के लिए सबसे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के खास रहे ब्रह्म मोहिंद्रा ने मंत्री पद की शपथ ली। गौरतलब है कि ब्रह्म मोहिंद्रा को पंजाब का डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा भी जोरों पर रही थीं, लेकिन आखिरी वक्त पर कांग्रेस हाईकमान ने उनका नाम हटा दिया था। उनकी जगह पर ओपी सोनी को पंजाब का उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।

विरोध के बीच मंत्री बने राणा गुरजीत

6 विधायकों के विरोध करने के बावजूद राणा गुरजीत सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। दोआबा से 6 विधायकों ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को संयुक्त पत्र लिख कर राणा गुरजीत सिंह को मंत्री नहीं बनाने की मांग की थी। राणा गुरजीत की जगह अनुसूचित जाति के चेहरों को कैबिनेट में शामिल करने की अपील की गई थी। तो वहीं कांग्रेस हाईकमान ने विधायकों की मांग को दरकिनार करते हुए राणा गुरजीत सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई। सुखबिंदर सिंह सरकारिया और रजिया सुल्ताना ने भी शपथ ग्रहण की। सभी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

मनप्रीत बादल चन्नी सरकार में भी बने मंत्री

कैप्टन सरकार में वित्त मंत्री रहे मनप्रीत सिंह बादल ने ब्रह्म मोहिंद्रा के बाद शपथ ली। मनप्रीत सिंह बादल के बाद तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। बतादें कि कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों की सूची में तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा का भी नाम शामिल था।

इन मंत्रियों की पंजाब सरकार से छुट्टी

कैप्टन मंत्रिमंडल में शामिल रहे बलबीर सिद्धू, राणा गुरमीत सोढी, साधु सिंह धर्मसोत, गुरप्रीत सिंह कांगड़ और सुंदर शाम अरोड़ा को चन्नी मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया है।

इन मंत्रियों को फिर मिला मौका

1. चरणजीत सिंह चन्नी-मुख्यमंत्री
2. सुखजिंदर सिंह रंधावा- उप मुख्यमंत्री

3. ओपी सोनी- उप मुख्यमंत्री

4. ब्रह्म मोहिंदरा
5. तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा
6. मनप्रीत सिंह बादल
7. विजय इंदर सिंगला
8. सुखबिंदर सिंह सरकारिया
9. रजिया सुल्ताना
10. भारत भूषण आशु
11. अरुणा चौधरी फिर मंत्री बने

चन्नी मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मिली जगह

अमलोह सीट से विधायक रणदीप सिंह नाभा, राजकुमार वेरका, कैप्टन के विरोधी संगत सिंह गिलजियां, भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने भी पंजाब मंत्री पद की शपथ ली। कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोधी रहे गिद्दड़बाहा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को भी चन्नी कैबिनेट में जगह मिली। पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते गुरकीरत कोटली ने भी पंजाब मंत्री पद की शपथ ली।

नए मंत्री मंडल के चेहरों के बारे में कुछ खास बातें

मनप्रीत सिंह बादल: बादल परिवार से बगावत कर कांग्रेस में आए, कांग्रेस के वित्त मंत्री बने, अमरिंदर सिंह के खास भी रहे, अब मनप्रीत सिंह बदल चन्नी टीम में हैं।

ब्रह्म मोहिंद्रा– ब्रह्म मोहिंद्रा पटियाला से आते हैं, कैप्टन अमरिंदर सिंह के खास भी माने जाते हैं, मोहिंद्रा स्थानीय निकाय मंत्री रह चुके हैं, पंजाब में बड़ा हिंदू चेहरा माने जाते रहे हैं।

भारत भूषण आशु– आशु लुधियाना से हैं, पुराने कांग्रेसी हैं, हिंदू चेहरा, युवाओं पर पकड़ है, पंजाब में दबंग नेता के तौर पर जाने जाते हैं, फूड एंड सप्लाई विभाग संभाल चुके हैं।

तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा– बाजवा ने सिद्धू के समर्थन में कैप्टन से बगावत भी की है, सबसे पहले बगावत का बिगुल तृप्त बजाया ने ही बजाया था।

राणा गुरजीत सिंह– कैप्टन सरकार में राणा गुरजीत सिंह मंत्री बने, लेकिन विवाद में नाम आने पर इस्तीफ़ा देना पड़ा, राणा गुरजीत सिंह कैप्टन के समर्थक रहे हैं।

अरुणा चौधरी– दीना नगर विधानसभा से विधायक हैं अरुणा चौधरी।

रजिया सुल्ताना– तीन बार की विधायक हैं रजिया, मलेरकोटला से विधायक रजिया कैप्टन सरकार में साल 2018 तक मंत्री रहीं, रजिया पंजाब मंत्रिमंडल में केवल एकमात्र मुस्लिम चेहरा हैं।

विजय इंदर सिंगला– सिंगला पंजाब में शिक्षा मंत्री रहे हैं, सिंगला की गांधी परिवार से नज़दीकियां भी हैं और अभी तक अमरिंदर सिंह के साथ खड़े रहे हैं।

रणदीप सिंह नाभा– फतेहगढ़ साहिब की अमलोह विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक. विधानसभा की लायब्रेरी कमेटी के सदस्य.

राजकुमार वेरका– अमृतसर वेस्ट से विधायक हैं वेरका, लगातार तीसरी बार विधानसभा सदस्य बने, वेरका फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।

संगत सिंह गिलजियां– पंजाब के उरमार से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं गिलजियां, कैप्टन के विरोधी माने जाते हैं, टीम सिद्धू के हिस्से से पार्टी की सरकार में आए हैं गिलजियां।

परगट सिंह– भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं परगट सिंह, परगट सिद्धू के करीबी माने जाते हैं, जलंधर कैंट से 2012 और 2017 में विधायक रहे।

अमरिंदर सिंह राजा वडिंग– 2012 में पहली बार गिद्दड़बाहा सीट से विधायक चुने गए थे, कैप्टन के विरोधी हैं वडिंग, राजा वडिंग ने छात्र राजनीति से सियासी सफर की शुरुआत की थी।

गुरकीरत सिंह कोटली– खन्ना से विधायक गुरकीरत कोटली 2012 में पहली बार विधायक चुने गए थे, कोटली के दादा बेअंत सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

सभी मंत्रियों को मिलेंगी नई गाड़ियां

सीएम चन्नी ने मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों के लिए सरकारी बंगलों के अलॉटमेंट की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं राज्य सरकार ने सभी मंत्रियों को नई इनोवा गाड़ियां देने का फैसला भी किया है। जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस प्रस्ताव में सवा 4 करोड़ रुपए का बजट जारी कर दिया है। यानी कि अब शपथ ग्रहण के बाद अगले हफ्ते सभी मंत्री नई गाड़ियों में नजर आ सकते हैं।

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