Rajnath Singh : केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित नारायण संस्कृत महाविद्यालय भवन के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संस्कृत ने भारत के ज्ञान और विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और आज भी इसमें दुनिया का मार्गदर्शन करने की क्षमता है।
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सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं बताना चाहता हूं कि हम इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्यों तैयार हुए। हालांकि मुझे संस्कृत का ज्यादा ज्ञान नहीं है, लेकिन इस भाषा के प्रति मेरे मन में गहरा लगाव है। संस्कृत ने भारत के ज्ञान और विज्ञान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और आज भी इसमें दुनिया का मार्गदर्शन करने की क्षमता है।”
उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री के रूप में 1991 में अपने कार्यकाल को याद करते हुए सिंह ने कहा कि उन्होंने आदेश दिया था कि तीसरा हिंदी प्रश्नपत्र, जो आधा हिंदी और आधा संस्कृत में होता था, उसे पूरी तरह संस्कृत में किया जाए और इसे अनिवार्य बनाया जाए। उन्होंने कहा, “हालांकि, जब दूसरी सरकार सत्ता में आई तो इस फैसले को वापस ले लिया गया। यह बात आज भी मुझे दुख देती है और यही वजह है कि मैं इस कार्यक्रम में आया हूं। शिक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान मैंने वैदिक गणित भी शुरू किया था। जहां तक वैदिक गणित की बात है, मैंने भौतिक विज्ञान, गणित और रसायन विज्ञान की पढ़ाई की है और मैं कह सकता हूं कि वैदिक गणित का आज भी कोई मुकाबला नहीं है।”
राजनाथ सिंह ने कहा कि वह अयोध्या को केवल तीर्थस्थल नहीं मानते, बल्कि इसे चेतना, संस्कृति और सभ्यता का केंद्र मानते हैं। “मैं अयोध्या को केवल तीर्थस्थल नहीं मानता। अयोध्या अपने आप में एक चेतना है। अयोध्या अपने आप में एक संस्कृति है। अयोध्या अपने आप में एक सभ्यता है। जिस तरह सूर्य पूर्व दिशा से निकलकर पूरी दुनिया को प्रकाश देता है, उसी तरह धर्म, न्याय और गरिमा का प्रकाश अयोध्या की इस धरती से निकला और पूरे भारत तथा पूरी दुनिया को प्रकाशित किया। मैं यह बात पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं।”
संस्कृत और गणित के महत्व पर बोलते हुए सिंह ने कहा, “संख्याओं का ज्ञान क्या है? दुनिया की गणितीय भाषा क्या है? मेरे जैसा व्यक्ति कहेगा कि दुनिया की गणितीय भाषा हमारी संस्कृत भाषा है। मैं उदाहरणों के जरिए यह भी समझा सकता हूं कि ऐसा क्यों है।” उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से अपील करते हुए कहा, “लोग देश को कहां ले जा रहे हैं? मैं आपसे बहुत विनम्र अनुरोध करना चाहता हूं। यह दर्द मेरे दिल में है, कृपया इस बारे में सोचिए।”
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इससे पहले दिन में राजनाथ सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शन किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि रामलला और हनुमान जी के दर्शन कर वह खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने भारत की प्रगति और देशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। रक्षा मंत्री ने अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी में भी दर्शन-पूजन किया। मंदिर नगरी की यात्रा के दौरान उन्होंने श्री गुरु पूर्णिमा महामहोत्सव में भी हिस्सा लिया।
(आईएएनएस)
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