क्या है पूरा मामला?
नवंबर 2025 में गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह में रणवीर सिंह ने मंच पर ऋषभ शेट्टी की कांतारा: चैप्टर 1 के क्लाइमैक्स दृश्य की नकल उतारी। उन्होंने दैव को ‘भूत’ कहा और ऋषभ के भाव-भंगिमाओं का अतिरंजित अंदाज़ में मज़ाक बनाया। ऋषभ वहीं मौजूद थे और उन्होंने दो बार रणवीर को रोकने की कोशिश की। इस घटना ने कन्नड़ समुदाय में गहरी नाराज़गी पैदा की और रणवीर के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
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कोर्ट में क्या हुआ?
रणवीर ने कर्नाटक हाई कोर्ट में FIR को चुनौती दी थी। 24 मार्च को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि एक अभिनेता होने के नाते रणवीर की ज़िम्मेदारी बड़ी है और उन्हें इस मामले में सच्चा पछतावा होना चाहिए। रणवीर के वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पुवय्या ने अदालत को बताया कि अभिनेता बिना शर्त माफीनामा दाखिल करने और चामुंडी मंदिर जाने के लिए तैयार हैं।
शिकायतकर्ता ने माफी को बताया ‘दिखावटी’
शिकायतकर्ता के वकील प्रशांत मेथल ने कोर्ट में कहा कि रणवीर की इंस्टाग्राम स्टोरी पर दी गई माफी दिल से नहीं थी क्योंकि वह उनके मैनेजर द्वारा चलाए जाने वाले हैंडल से पोस्ट की गई थी। इसीलिए अब रणवीर को कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर औपचारिक और व्यक्तिगत माफी देनी होगी।
रणवीर की पुरानी सफाई
विवाद के बाद रणवीर ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा था कि उनका इरादा ऋषभ की शानदार अदाकारी को सराहना था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। उन्होंने कहा कि वे हर संस्कृति और परंपरा का गहरा सम्मान करते हैं।
निष्कर्ष
यह मामला बताता है कि सार्वजनिक मंच पर की गई कोई भी हरकत चाहे इरादा कितना भी नेक हो किसी समुदाय की आस्था को आहत कर सकती है। अब रणवीर के लिए ज़रूरी है कि वे सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि कर्म से भी अपनी जवाबदेही दिखाएं। कोर्ट का यह आदेश इस दिशा में एक अहम कदम है।