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RBI New Rules: डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए खबर, 1 जनवरी 2022 से बदल रहे हैं नियम…जानें

लोगों के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान साइबर फ्रॉड की घटनाएं ना हो इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम तय किए हैं।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 23 दिसंबर। आज का टाइम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का है। ऐसे में लोगों के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान साइबर फ्रॉड की घटनाएं ना हो इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम तय किए हैं। अभी तक आप जब भी कुछ ऑनलाइन खरीददारी करते थे तो आपको अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल किसी साइट पर देनी होती थी। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के केस दिन पर दिन बढ़ रहे थे।जिसकी रोकथाम और यूजर्स की निजता का ख्याल रखते हुए RBI ‘एन्क्रिप्टेड’ टोकन सिस्टम लेकर आया है। बैंक ने सभी मर्चेंट (व्यापारियों) और पेमेंट गेटवे को ग्राहकों के संवेदनशील डाटा को हटाने के लिए निर्देश दिए हैं। ये नए नियम 1 जनवरी 2022 से लागू होंगे।

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बैंकों ने अपने उपभोक्ताओं को SMS भेजकर दी जानकारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ बैंकों ने हाल ही में SMS भेजकर अपने उपभोक्ताओं को जानकारी दी है कि 1 जनवरी 2022 के बाद आप जब भी भुगतान करेंगे तो नए नियमों के तहत आपको दो ऑप्शन दिए जाएंगे। एक कार्ड विवरण का और दूसरा टोकन का। कार्डधारक को फैसला लेना है कि वो कार्ड की पूरी डिटेल देंगे या फिर टोकन के जरिए पेमेंट करेंगे। अगर उन्हें टोकन से भुगतान करना है तो इसके लिए टोकन जारी किया जाएगा।

RBI ने सितंबर 2021 में जारी किए थे नए दिशा-निर्देश

बता दें कि नियमों में बदलाव का फैसला लंबे समय तक विचार-विमर्श करने के बाद लिया गया है। RBI ने भी सितंबर में नोटिस जारी करके नए नियमों के बारे में बताया था। सितंबर 2021 में जारी किए गए नए दिशा-निर्देश के मुताबिक कंपनियों को साल के आखिर तक नियमों का पालन करने और उन्हें टोकन का ऑपशन उपलब्ध करवाने के लिए समय दिया गया था।

अब टोकनाइजेशन का जमाना आया

अभी तक जिस डिजिटल लेन-देन के लोग आदी हो चुके हैं उसके लिए वो डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। फिर उसपर लिखी जानकारी और वन टाइम पासवर्ड के आधार पर ट्रांजेक्शन करते हैं। अब टोकनाइजेशन (tokenization) इससे थोड़ा अलग होगा। ये आपके कार्ड की जानकारी को एक यूनिक वैकल्पिक कोड में बदलेगा। जिसके इस्तेमाल से ट्रांजेक्शन हो पाएगा। इस प्रक्रिया में आपको अपने कार्ड के CVV (तीन डिजिट वाला नंबर) और OTP (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही आपको अतिरिक्त ऑथेन्टिकेशन के लिए भी अपनी सहमति देनी होगी।

टोकन कैसे मिलेगा?

शॉपिंग के दौरान आप जब टोकन का विकल्प चुनेंगे तब मर्चेंट कार्ड का टोकनाइजेशन शुरू होगा। आपकी मंजूरी लेकर टोकनाइजेशन के लिए कार्ड नेटवर्क को अनुरोध भेजा जाएगा। यहां ये कार्ड नेटवर्क आपके कार्ड नंबर (16 डिजिट का नंबर जो कार्ड पर लिखा होता है) की बजाय आपको एक टोकन देगा। अब मर्चेंट वो टोकन आपको देगा और आप इस तरह अपना लेन-देन बिन कार्ड की जानकारी साझा किए कर पाएंगे। हर बार आपको लेन-देन के लिए आपके CVV और OTP की जरूरत पड़ेगी। लेकिन 16 डिजिट वाले नंबर की नहीं।

कितना सुरक्षित टोकनाइजेशन?

अभी तक जब आप किसी मर्चेंट से लेन-देन करते थे तो कई बार मजबूर किया जाता था कि वो आपकी कार्ड की डिटेल सेव कर लें। इस तरह डेटा चोरी होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता था। लेकिन नए सिस्टम में कार्ड का विवरण एन्क्रिप्टेड ढंग से सेव किया जाएगा। यानी जो डेटा लीक का खतरा पहले होता था वो इस प्रक्रिया में कम हो जाएगा।

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