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बिहार : 31 अक्टूबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा ना कराने पर नियमित भुगतान हो सकता है प्रभावित, पढ़ें पूरी खबर !

31 अक्टूबर तक प्रमाणीकरण नहीं कराने की स्थिति में उनके पेंशन का नियमित भुगतान प्रभावित और बाधित हो सकता है।

By इंडिया वॉइस 
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बेगूसराय, 10 अक्टूबर। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना तथा बिहार निःशक्तता पेंशन योजना से संबंधित सभी पेंशनधारियों को 31 अक्टूबर तक जीवन प्रमाणीकरण कराना जरूरी है।

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जिससे कि पेंशनधारियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ बिना किसी परेशानी के प्राप्त हो सके। 31 अक्टूबर तक प्रमाणीकरण नहीं कराने की स्थिति में उनके पेंशन का नियमित भुगतान प्रभावित और बाधित हो सकता है।

सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक भुवन कुमार ने बताया कि बेगूसराय जिला में सभी छह पेंशन योजनाओं के दो लाख 57 हजार 549 लाभुक हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 81 हजार 340 पेंशनधारियों तथा वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान अब तक मात्र 15 हजार 787 पेंशनधारियों ने ही अपना सफलतापूर्वक जीवन प्रमाणीकरण कराया है।

विभागीय पत्र के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य है, अक्टूबर के अंत तक प्रमाणीकरण नहीं कराने की स्थिति में उनके पेंशन का नियमित भुगतान प्रभावित हो सकता है। विभागीय निर्देश के आलोक में जीवन प्रमाणीकरण कार्यक्रम का आयोजन एक सितंबर से 31 अक्टूबर के मध्य निर्धारित है।

प्रमाणीकरण करवाने के लिए लाभुक को अपने साथ आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या अथवा लाभार्थी संख्या ले जाना होगा। पेंशनधारी स्वेच्छा से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) या संबंधित प्रखंड कार्यालयों के माध्यम से करवा सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर पर जीवन प्रमाणीकरण के लिए लाभुक को पांच रुपया शुल्क देना होगा, जबकि प्रखंड कार्यालय में जीवन प्रमाणीकरण का कार्य निःशुल्क हो रहा है।

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सभी प्रखंड कार्यालयों को सामाजिक सुरक्षा पेंशऩधारियों के जीवन प्रमाणीकरण के लिए बायोमैट्रिक डिवाइस एवं आईरिस स्कैनर डिवाइस उपलब्ध कराया जा चुका है। ताकि जीवन प्रमाणीकरण के क्रम में आवश्यकतानुसार इन डिवाइसों का उपयोग कर शत-प्रतिशत पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण किया जा सके।

जिनका बायोमैट्रिक याा आईरिस स्कैनर डिवाइस से प्रमाणीकरण नहीं हो सकेगा, उनका अंतिम उपाय के रूप में भौतिक सत्यापन किया जाएगा। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया के तहत जिन पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण की प्रक्रिया फिंगर प्रिंट एवं आईरिस स्कैनर दोनों माध्यम से असफल हो जाएगा, उसकी विस्तृत विवरणी पंजी में दर्ज किया जाएगा।

तथा ऐसे मामलों के लिए प्रत्येक पंचायत में भौतिक सत्यापन पंजी संधारित करने का निर्देश दिया गया है। सहायक निदेशक ने पेंशनधारियों से अपना जीवन प्रमाणीकरण समय पर कराने की अपील किया है।

उन्होंने बताया कि बछवाड़ा प्रखंड में 17064, बखरी में 13759, बलिया में 15428, बरौनी में 18373, बेगूसराय में 38739, भगवानपुर में 15526, वीरपुर में 8567, चेरिया बरियारपुर में 15885, छौड़ाही में 12055, डंडारी में 7836, गढ़पुरा में 11494, खोदावंदपुर में 9155, मंसूरचक में 7322, मटिहानी में 14580, नावकोठी में 10493, साहेबपुर कमाल में 15865, शाम्हो में 3259 तथा तेघड़ा में 22149 सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी हैं।

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