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Saryu Nahar National Project : 4 दशकों से लंबित पड़ी ‘सरयू नहर राष्ट्रिय परियोजना’ की क्या है खासियत जिसकी पीएम मोदी आज देंगे सौगात

PM Modi Balrampur Visit: इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुल 9 जिलों को लाभ मिलेगा।

By इंडिया वॉइस 
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‘सरयू नहर राष्ट्रिय परियोजना’ की आज पीएम मोदी देंगे सौगात 

दशकों से लंबित पड़ी परियोजना ‘सरयू नहर राष्ट्रिय परियोजना’ (Saryu Canal National Project) का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। बता दें कि पीएम मोदी आज उत्तर प्रदेश के बलराम (Balrampur Saryu Nahar National Project) पुर दौरे पर जाएंगे। जहां वो करीब चार दशकों से लंबित पड़ी परियोजना सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन करेंगे।

Saryu Canal Project

 

इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुल 9 जिलों को लाभ मिलेगा। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई है कि पीएम मोदी आज यानी 11 दिसंबर को पूर्वी उत्तरप्रदेश के बलरामपुर दौरे पर रहेंगे। बता दें कि पीएम मोदी दोपहर करीब 1 बजे बलराम पुर पहुंचेंगे जहां वो सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना की शुरुआत करेंगे।

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1972 में मिली मंजूरी के बाद भी चार दशकों तक नहीं सका पूरा 

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक इस नहर परियोजना का कार्य 1978 में शुरू हुआ था। पर बजटीय समर्थन की निरंतरता के कारण दशकों तक इस परियोजना का काम शुरू भी ना सका। इसके अलावा अंतर विभागीय समन्वय और पर्याप्त निगरानी के अभाव में इसे अंजाम तक पहुंचाने में 4 दशकों का वक्त लग गया। आपको बता दें कि इस परियोजना के निर्माण के लिए योजना आयोग ने 1972 में ही सहमति दे दी थी। परंतु इसका काम 1978 यानी मंजूरी मिलने के 6 साल बाद शुरू किया गया, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका था।

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Saryu Canal Project

 

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2014 में देश में मोदी सरकार के आने के बाद वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबे समय से लंबित पड़ी इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसे लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि किसान कल्याण और किसानों के सशक्तिकरण के लिए पीएम मोदी ने इस परियोजना पर बहुत ध्यान दिया और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत इस परियोजना के निर्माण कार्य को शुरू किया गया। 2016 में शुरू हुई इस परियोजना को मात्र 5 वर्षों के निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।

 

9800 करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण

आपको बता दें कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का निर्माण कुल 9800 करोड़ रुपए से भी अधिक लागत से किया गया है। पीएमओ के मुताबिक इस परियोजना से करीब ’14 लाख हेक्टेयर की भूमि’ को सिंचाई युक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। इस परियोजना के शुरू होने से इन सभी जिलों के किसानों को अधिक मात्रा में लाभ पहुंचेगा।

Saryu Canal National project

 

जिससे की वो अपने खेतों में बड़े पैमाने पर अच्छे फ़सल उगाने में सफल होंगे। वहीं इस योजना का लाभ उठा कर किसान अपनी कृषि क्षमता को और अधिक सक्षम बनाने में सफल होंगे। बता दें कि इन जिलों में ज्यादातर गेंहू, धान, मक्का, और गन्ना जैसे फसल का मुख्य रूप से उत्पादन किया जाता है। ऐसे में खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल मिलने से किसानों को अधिक लाभ होगा।

परियोजना पर मार्च 2021 तक 9562.68 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस परियोजना के लिए कुल 25027.72 हेक्टेअर भूमि की आवश्यकता थी। इसके सापेक्ष 25021.497 हेक्टेअर भूमि विभाग ने पहले ही खरीद लिया है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के तहत सरयू लिंक चौनल, सरयू मुख्य नहर तथा उसकी समस्त शाखाएं, राप्ती लिंक नहर व राप्ती मुख्य नहर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

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6200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसान होंगे लाभान्वित 

सरयू नहर परियोजना में क्षेत्र के जल संसाधनों का उपयोग करने के लिए कुल पांच नदियों को इससे जोड़ा गया है। जिसमें सरयू, घाघरा, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को इस नहर से मुख्य रूप से जोड़ा गया है। बता दें कि इस नहर परियोजना से 6200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं बता दें कि इस परियोजना का लाभ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुल 9 जिलों को लाभ मिलेगा जिसमें बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, गोरखपुर और महराजगंज जैसे जिले शामिल हैं।

 

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