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सदन में शाह ने कहा- नगालैंड घटना की एक महीने में जांच पूरी करेगी SIT, सेना ने ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया

अमित शाह ने सुरक्षाबलों के बचाव में कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को गोली चलानी पड़ी थी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने हालात को संभालने की कोशिश भी की।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 6 दिसंबर। नगालैंड में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कई लोगों की मौत की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बात रखी। शाह ने सदन में कहा कि मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है और एक महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि जांच हाई स्तर पर की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। उनकी नगालैंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है।

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भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों ने गोली चलाई- शाह

अमित शाह ने सुरक्षाबलों के बचाव में कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को गोली चलानी पड़ी थी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने हालात को संभालने की कोशिश भी की। राज्य के DGP और कमिश्नर ने भी इलाके का दौरा किया है। शाह ने कहा कि सभी एजेंसियों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना ना हो। इलाके में शांति के लिए जरूरत के हिसाब से उपाय भी किए जा रहे हैं।

सेना को ओटिंग में उग्रवादियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि सेना को ओटिंग में उग्रवादियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। जिसपर 21 कमांडों ने संदिग्ध इलाके में घात लगाई थी। एक गाड़ी वहां पहुंचा थी, जिसे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वो नहीं रुकी। संदेह था की गाड़ी में उग्रवादी हो सकते हैं, जवानों ने गोलियां चलाईं। शाह ने कहा कि गाड़ी में मौजूद 8 में से 6 लोगों की मौत हुई है। घायल हुए 2 लोगों को सेना के ही जवान पास के अस्पताल ले गए थे।

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घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने सेना की इकाई को घेरा

शाह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने सेना की इकाई को घेर लिया था। स्थानीय लोगों ने दो वाहनों को आग लगा दी और जवानों पर हमला भी किया। इस दौरान एक जवान की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जिसे देखते हुए आत्मरक्षा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान 7 और नागरिकों की जान चली गई और कुछ घायल हो गए।

प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती

अमित शाह ने बताया कि इस घटना के बाद 5 दिसंबर की शाम को करीब 250 लोगों की भीड़ ने असम रायफल्स के मोन शहर में स्थित कंपनी ऑपरेटिंग बेस (COB) में तोड़फोड़ कर दी और सीओबी की इमारत को आग लगा दी। जिसे देखते हुए असम रायफल्स को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी करनी पड़ी और इसमें एक और नागरिक की जान चली गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी गई है।

सेना मामले की हाई स्तर पर जांच कर रही है

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सेना के तीसरे कोर मुख्यालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है और इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को लेकर संवेदना जताई है। सेना इस मामले की हाई स्तर पर जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। शाह ने बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की थी। गृह मंत्रालय ने भी मुख्य सचिव और DGP से संपर्क किया है।

हालात की विस्तार से समीक्षा की गई

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शाह ने बताया कि स्थिति की समीक्षा की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत उत्तर-पूर्व के प्रभारी अतिरिक्त सचिव को कोहिमा के लिए रवाना कर दिया था, जहां उन्होंने मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों और पैरामिलिट्री बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में हालात की विस्तार से समीक्षा की गई।

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