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शिमला : I.I.A.S – भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान पर्यटकों के लिए खोला गया !

कोरोना महामरी की दूसरी लहर के बाद स्थिति समान्य होता देख शिमला स्थित भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान को एक बार फिर लोगों के लिए खोल दिया गया.

By इंडिया वॉइस 
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शिमला, 22 सितम्बर। राजधानी शिमला स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी) में छह माह बाद फिर से रौनक लौटी है। इस ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण एडवांस्ड स्टडी को इसी साल 24 मार्च को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। लेकिन अब कोरोना मामलों में आ रही कमी को देखते एडवांस्ड स्टडी प्रबंधन ने यहां सैलानियों को प्रवेश की अनुमति देने का निर्णय लिया है। ब्रिटिश काल के इस उच्च शिक्षण संस्थान को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं।

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भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी अखिलेश पाठक ने बताया कि ऐतिहासिक भवन को मंगलवार से पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। आपको बता दें कि भवन को सुबह साढे नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक खुला रखा जाएगा। वहीं उन्होंने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए संस्थान ने पर्यटकों के घूमने के लिए एसओपी और माइक्रो प्लान बनाया है। पर्यटक 20-20 के समूह में भेजे जा रहे हैं। एक ग्रुप का समय 30 मिनट रहेगा। भवन को रोजाना सैनिटाइज किया जा रहा है। परिसर में मास्क अनिवार्य किया गया है।

गौर हो कि एडवान्स स्टडी भवन को भीतर से देखने के लिए व्यस्क पर्यटकों के लिए दो सौ रुपये, बारह साल से कम आयु के पर्यटकों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सौ रुपये, विदेशी सैलानियों के लिए पांच रुपये प्रति व्यक्ति टिकट तय है। जबकि एडवांस्ड स्टडी भवन को बाहर से देखने के लिए टिकट की दर तीस रुपये है। एडवांस्ड स्टडी को राजधानी शिमला में सबसे बड़ा पिकनिक स्पॉट माना जाता है। यहां सैलानी ही नहीं, बल्कि शहर सहित प्रदेश के स्कूलों के छात्रों को भी लाया जाता है।

आपको बता दें कि एडवांस्ड स्टडी एक रिसर्च सेंटर है, जहाँ पर देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद् आकर रिसर्च करते है। यह पहली बार सन 1964 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया था वहीं 20 अक्टूबर 1965 से यहाँ काम करना शुरू कर दिया गया था। आपको बता दें कि जिस भवन में संस्थान है, मूल रूप से 1884-1888 से भारत के वाइसराय लॉर्ड डफरीन के घर के रूप में बनाया गया था और उसे वाइसरेगल लॉज के नाम से जाना जाता था। वहीं आपको बता दें कि अपने अंदर ब्रिटिश कालीन की यादें संजोए हुए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडी के भवन को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा प्राप्त है। ये वही जगह है जहाँ पर ‘शिमला समझौता’ हुआ था। जिस टेबल पर समझौता हुआ था, वह अभी तक एडवांस्ड स्टडी में मौजूद है। इसके अलावा ब्रिटिश काल के वॉयसराय से जुड़ी तस्वीरें भी मौजूद हैं। कुल मिलाकर यह पर्यटन की दृष्टि से बेहद ही खूबसूरत स्थान है जहाँ शैलानियों का आना जाना लगता है.

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