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श्रीनगर: अब कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर की शांति बिगाड़ नहीं सकती- अमित शाह

अमित शाह ने पूरे दावे के साथ कहा कि अब आप लोग अपने दिल से डर को निकाल दें। कश्मीर की शांति और विकास को अब कोई नहीं बिगाड़ सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास तेजी से बढ़ेगा और इस प्रक्रिया में किसी को भी खलल डालने नहीं दिया जायेगा।

By इंडिया वॉइस 
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श्रीनगर, 25 अक्टूबर। जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में कई विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कश्मीर के लोगों को विश्वास दिलाया कि अब कोई भी ताकत यहां की शांति और विकास को रोक नहीं सकता। जम्मू-कश्मीर की शांति को भंग करने वालों को अब बक्शा नहीं जाएगा।

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वहीं कश्मीरी फेरन पहने गृहमंत्री अमित शाह जब मंच पर बोलने के लिए आए तो उन्होंने वहां लगी बुलेटप्रूफ कांच को हटवा दिया। बुलेटप्रूफ कांच हटाए जाने के बाद गृहमंत्री शाह ने कहा कि वो जम्मू-कश्मीर के लोगों से सीधे और खुलकर बात करना चाहते हैं यही वजह है कि यहां कोई बुलेटप्रूफ शील्ड या सुरक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉ फारूक साहब ने उन्हें पाकिस्तान से बात करने का सुझाव दिया है, लेकिन मैं कश्मीर के युवाओं और यहां के लोगों से बात करूंगा, कश्मीर के लोग मेरे अपने हैं, मुझे उनकी बात सुननी है।

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आम जनता से मिले अमित शाह

शाह ने पूरे दावे के साथ कहा कि अब आप लोग अपने दिल से डर को निकाल दें। कश्मीर की शांति और विकास को अब कोई नहीं बिगाड़ सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विकास तेजी से बढ़ेगा और इस प्रक्रिया में किसी को भी खलल डालने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मैं कश्मीर के युवाओं से कहना और पूछना चाहता हूं कि जिन्होंने आपके हाथों में पत्थर और हथियार पकड़ाए थे, उन्होंने आपका क्या भला किया? उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए कश्मीर के युवाओं का इस्तेमाल कर उनका भविष्य बर्बाद किया, यहां की शांति और प्रगति को नुकसान पहुंचाया, लेकिन आज नया कश्मीर आपके सामने है जो आपके सहयोग और उज्जवल भविष्य का इंतजतार कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज 30 हजार लोग लोकतांत्रिक तरीके से कश्मीर के लोगों के प्रतिनिधि के रूप में चुने गए हैं। मैं कश्मीर के युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में शामिल होने और हर स्तर पर जनप्रतिनिधि बनने का आह्वान करता हूं। गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि जम्मू और कश्मीर में 20,000 से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है और 6,000 और लोगों को नौकरी मिलने वाली है। ये सभी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। योग्यता वाले लोगों को बिना भाई-भतीजावाद के काम पर रखा गया है।

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कश्मीर के युवाओं को दी जा रही हैं नौकरी- शाह

जनसभा को संबोधित करने से पहले सुबह अमित शाह ने जिला गांदरबल में मां खीर भवानी मंदिर में पारंपरिक कश्मीरी फेरन पहन कर पूजा-अर्चना की थी। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे।

बतादें कि कश्मीर शुरू से ही भारत की समृद्ध विरासत का केंद्र बिंदु रहा है, सूफी संस्कृति भी उसी समृद्धता का एक हिस्सा है, जो शांति और उदारवाद की प्रतीक है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में सूफी संतों से मुलाकात कर कश्मीर की शांति और सहअस्तित्व को पुनर्स्थापित करने के लिए एक व्यापक चर्चा की।

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शाह ने श्रीनगर में सूफी संतों से मुलाकात की

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