1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. सरकार अगर मान लेती ये बात तो कम हो जाता बच्चों का 30 फीसदी सिलेबस

सरकार अगर मान लेती ये बात तो कम हो जाता बच्चों का 30 फीसदी सिलेबस

लेकिन पहले से आठवीं के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SIERT) के प्रस्तावों को राज्य सरकार ने हरी झंडी नहीं दिखाई है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

कोरोना के कारण लगातार दूसरे शिक्षा सत्र में स्कूलों में बाधित रही पढ़ाई के चलते राज्य सरकार ने सिलेबस तीस प्रतिशत कम करने का ऐलान तो कर दिया, लेकिन यह घोषणा अब तक पूरी नहीं हो सकी है। 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का सिलेबस माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने जारी कर दिया है, लेकिन पहले से आठवीं के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SIERT) के प्रस्तावों को राज्य सरकार ने हरी झंडी नहीं दिखाई है।

पढ़ें :- Rajasthan news:उदयपुर-अहमदाबाद रेल ट्रैक ब्‍लास्‍ट केस में नया खुलासा,डेढ़ किलो विस्फोटक का किया गया इस्तेमाल,लोकल क्रिमिनल की ली गई मदद

कोरोना के कारण लगातार दूसरे शिक्षा सत्र में स्कूल में पढ़ाई बाधित रही। स्कूल सितंबर में खुले हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने तीस परसेंट सिलेबस कम करने की घोषणा की गई। पहली से आठवीं तक का जिम्मा एसआईईआरटी को दिया गया, जबकि नौवीं से बारहवीं का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर काे दिया गया। बोर्ड का सिलेबस कम हो गया, लेकिन एसआईईआरटी के तहत आने वाली क्लास एक से आठ तक का सिलेबस अब तक कम नहीं हुआ। एसआईईआरटी के प्रस्ताव राज्य सरकार के पास है, जहां से इन्हें स्वीकृति नहीं मिली है।

प्रदेश में इस बार भी आठवीं के 13 लाख स्टूडेंट्स को बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा देनी है। स्कूलों में पढ़ाई तेज गति से चल रही है। ऐसे में अभी जो पढ़ाई हो जाएगी वो बाद में हटने की आशंका है। जिन टीचर्स के पास एसआईईआरटी के प्रस्तावों की प्रति पहुंची है, वो उसी आधार पर पढ़ाई करवा रहे हैं। अगर उसमें संशोधन हो गया तो लाखों स्टूडेंट्स के सामने दिक्कत होगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...