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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली जमानत,अगली तारीख तय

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और राज्य सभा सांसद संजय सिंह दो अलग-अलग मुकदमों में सोमवार को दीवानी न्यायालय के एमपी, एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए।

By इंडिया वॉइस 
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सुलतानपुर, 25 अक्टूबर । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एमपी-एमएलए कोर्ट से एक मामले में झटका लगा है। जज पीके जयंत ने अमेठी जिले के गौरीगंज थाने से जुड़े मुकदमे में उनकी तरफ से दण्ड प्रक्रिया संहिता 321 के अंतर्गत प्रस्तुत केस वापसी की अर्जी को खारिज कर दिया है। फिलहाल उन्हें दोनों मामलों में मामूली धाराएं होने के चलते कोर्ट से जमानत मिल गयी है।

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जिले के दीवानी कोर्ट ने सोमवार को केस वापसी की अर्जी खारिज करने के पश्चात गौरीगंज थाने से जुड़े मुकदमे में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्ज बनाया है। अब साक्ष्य के बिंदु पर तीन नवम्बर को सुनवाई होगी। मुसाफिरखाना थाने से जुड़े केस में केस वापसी/उन्मोचन अर्जी पर तीन नवम्बर को सुनवाई होना है। जज पीके जयंत की अदालत ने अरविंद केजरीवाल से जुड़े दोनों मुकदमो में अगली तारीख तय कर दी है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और राज्य सभा सांसद संजय सिंह दो अलग-अलग मुकदमों में सोमवार को दीवानी न्यायालय के एमपी, एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए। अरविंद केजरीवाल पर 2014 के लोकसभा के चुनाव के दौरान दो मुकदमे दर्ज हुए थे। एक मुकदमे में वो उस वक़्त के अमेठी के लोकसभा उम्मीदवार कुमार विश्वास के साथ बिना अनुमति जनसभा करने के आरोपी है। यह मुकदमा गौरीगंज थाने में दर्ज हुआ था। इस मामले में अरविंद, कुमार विश्वास समेत सात आरोपी है। वहीं, दूसरा मुकदमा मुसाफिरखाना थाने में दर्ज हुआ था। आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस को वोट देने को देशद्रोह के बराबर बताया था।

उधर, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह भी अपने एक मुकदमे में हाजिर होंगे। संजय सिंह पर 2007 में रजिस्ट्री विभाग के एक कर्मचारी ने जातिगत टिप्पणी करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा नगर कोतवाली में दर्ज कराया था। कवरेज करने गए दो पत्रकारों को भी संजय सिंह के साथ आरोपी बनाया गया था। हालांकि बाद में उस कर्मचारी के ऊपर भी भष्टाचार का गोरखपुर में मुकदमा दर्ज हुआ था। उस समय रजिस्ट्री विभाग के सभी लिपिकों का स्थानांतरण कर दिया गया था। इस मुकदमे में संजय सिंह अपने भाई का विवाह प्रमाणपत्र बनवाने गए थे तो उनसे एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। रिश्वत लेने का वीडियो भी बना था। उस समय सरकारी दबाव में संजय सिंह और उनके साथियों पर मुकदमा किया गया था ।

हिन्दुस्थान समाचार

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