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सुनील छेत्री की ऐतिहासिक उपलब्धि, दिग्गज पेले को छोड़ा पीछे

पेले के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने अपने पूरे करियर में 1363 मैचों में कुल 1281 गोल किये हैं।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली : सैफ चैम्पियनशिप में मालदीव के खिलाफ दो गोल भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय गोल करने के मामले में ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर पेले को पीछे छोड़ दिया है।

पेले ने ब्राजील के लिए 92 मैच खेले हैं और 77 गोल किये हैं, जबकि सुनील छेत्री ने अपने 124वें मैच में 79 गोल कर पेले को पीछे छोड़ा। इसके अलावा सुनील सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले छठे फुटबॉलर भी बन गए।

सुनील से आगे क्रिस्टियानो रोनाल्डो (182 मैचों 115 गोल), ईरान के अली देई (149 मैचों में 109 गोल), मलेशिया के मोख्तार डेहारी (142 मैचों में 89 गोल), हंगरी और स्पेन के लिए खेल चुके फेरेंस पुकास (89 मैचों में 84 गोल) और अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी (155 मैचों में 80 गोल) हैं।

अब बात करते हैं, दिग्गज फुटबॉलर पेले की, जिनके रिकॉर्ड को सुनील छेत्री ने तोड़ा है-

पेले के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने अपने पूरे करियर में 1363 मैचों में कुल 1281 गोल किये हैं।

पेले ने अपने पेशेवर कैरियर की शुरुआत जून सन 1956 में सैंटोस एफ़सी के साथ की। उन्होंने अपना पहला पेशेवर गोल कोरिन्थिंस सेंटो आंद्रे के खिलाफ किया। जुलाई सन् 1957 में पेले ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच अर्जेंटीना के खिलाफ खेला। यह मैच ब्राजील 2 – 1 से हार गई थी, किन्तु यहाँ उन्होंने अपना पहला अंतरारष्ट्रीय गोल किया था।

इसके बाद पेले ने वर्ष 1958 मे सैंटोस की, ब्राजील में एक टॉप फ्लाइट पेशेवर फुटबॉल लीग में कम्पेओनटो पौलिस्ता के लिए 58 गोल के साथ जीत दर्ज करने में मदद की थी। यह उपलब्धी आज तक की बेमिसाल उपलब्धी थी। पेले ने सन 1958 में हुए विश्वकप के क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में महत्वपूर्ण योगदान दिया, और 4 मैचों में 6 गोल किये। उन्होंने सन 1958 के विश्वकप में कई रिकॉर्ड तोड़े।

सन् 1969 में उन्होंने मरकाना स्टेडियम में पेनाल्टी किक से वास्को डी गामा के खिलाफ अपना 1000 वां गोल किया. इस तरह इनका 1960s के दशक का कैरियर रहा।

पेले का सन् 1970 का विश्वकप आखिरी विश्वकप था। इस विश्व कप में पेले ने सभी मैच खेले और इस टूर्नामेंट में ब्राजील की ओर से 14 से 19 गोल कर अपना योगदान दिया। ब्राजील ने यह विश्वकप जीता। पेले को अपने प्रभावशाली प्रदर्शन और व्यापक योगदान के लिए “प्लेयर ऑफ़ दी टूर्नामेंट” का नाम दिया गया था। पेले का अंतराष्ट्रीय स्तर पर आखिरी मैच 18 जुलाई सन 1971 को रिओ डी जनेइरो में युगोस्लाविया के खिलाफ था। अपने क्लब के वर्ष के रूप में, सन 1974 का सीजन उनका आखिरी सीजन था, जिसमें उन्होंने रिटायर होने से पहले सैंटोस के लिए खेला था। अधिकारिक तौर पर 1 अक्टूबर सन 1977 में उन्होंने अपना आखिरी मैच खेला। यह मैच कॉसमॉस और सैंटोस के बीच प्रदर्शनी मैच था। उनका आखिरी अधिकारी गोल सैंटोस के खिलाफ एक डायरेक्ट फ्री किक था।

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