Today History News in Hindi

आज सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के उप प्रधानमंत्री बने और देश का पहला सेलुलर फोन कोलकाता पेश किया गया

आज सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के उप प्रधानमंत्री बने और देश का पहला सेलुलर फोन कोलकाता पेश किया गया

आंध्र केसरी का जन्मः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अहम नेता और मद्रास प्रेसिडेंसी के मुख्यमंत्री रहे तंगुटूरी प्रकाशम, 1953 में मद्रास स्टेट के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। 23 अगस्त 1872 को गुंटूर जिले के कनपर्ती गांव में पैदा हुए टी प्रकाशम को तेलुगु अस्मिता से

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विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार व चैन्नई की स्थापना, जानें आज का इतिहास

वीर सावरकर ने जलाई विदेशी वस्त्रों की होलीः स्वतंत्रता आंदोलन में विदेशी वस्त्रों की होली जलाना एक बड़ा हथियार बना। यह स्वदेशी का शंखनाद था। वर्ष 1921 में गांधी जी के आह्वान पर बड़ी संख्या में भारतवासियों ने विदेशी कपड़ों की जगह भारतीय वस्त्र अपना लिए थे। उस साल 22

राजा राम मोहन राय का कलकत्ता में पहला सत्र व राजीव गांधी का जन्म, जानें आज का इतिहास

राजा राम मोहन राय का कलकत्ता में पहला सत्र व राजीव गांधी का जन्म, जानें आज का इतिहास

नारायणमूर्ति का जन्मः पद्मश्री सहित कई दूसरे सम्मानों से नवाजे गए देश के प्रमुख उद्योगपति नागवार रामाराव नारायणमूर्ति का जन्म 20 अगस्त 1946 को कर्नाटक के कोलार जिले में हुआ। भारत की प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति की शख्सियत भारतीय उद्योग जगत की युवा मेधा के

आज के दिन ईस्ट इंडिया कंपनी ने बनाया था एक रुपये का पहला सिक्का

आज के दिन ईस्ट इंडिया कंपनी ने बनाया था एक रुपये का पहला सिक्का

पहला सिक्काः ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में 19 अगस्तए 1757 को एक रुपये का पहला सिक्का बनाया। कंपनी के इस सिक्के को बंगाल के मुगल प्रांत में चलाया गया था। बंगाल के नवाब के साथ एक संधि के मुताबिक ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा यह सिक्का कोलकाता की टकसाल में

साहित्यकार अमृतलाल नागर का जन्म व पहली ब्रिटिश सैन्य टुकड़ी की रवानगी, जानें आज की प्रमुख घटनाएं

साहित्यकार अमृतलाल नागर का जन्म व पहली ब्रिटिश सैन्य टुकड़ी की रवानगी, जानें आज की प्रमुख घटनाएं

हिंदी साहित्य के अमृतः सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार अमृतलाल नागर का जन्म 17 अगस्त 1916 को आगरा के गोकुलपुरा में हुआ। उनके पिता लखनऊ आकर बस गए। जिसके बाद अमृतलाल नागर ताउम्र लखनऊ ही रहे। साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में 1981 में उन्हें पद्मभूषण सम्मान दिया गया। साहित्य, इतिहास, पुराण