1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. ज़ारी हुई तालिबान की पहली कैबिनेट लिस्ट, आतंकियों की लिस्ट में शामिल है पीएम का नाम

ज़ारी हुई तालिबान की पहली कैबिनेट लिस्ट, आतंकियों की लिस्ट में शामिल है पीएम का नाम

तालिबान के द्वारा अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की गयी है। तालिबान ने इसमें अपने शीर्ष के सदस्यों को शामिल किया है। इसमें से कुछ मंत्री ऐसे हैं जिनपर आतंकवाद के चलते अमेरिका के द्वारा इनाम भी घोषित किया जा चुका है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

तालिबान के 20 साल से चल रहे इस संघर्ष पर आखिरकार विराम लग गया। अमेरिका के अफगानिस्तान से पूरी तरह निकल जाने और तालिबान द्वारा 15 अगस्त को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्ज़ा करने के 21 दिनों के बाद तालिबान के द्वारा अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की गयी है। तालिबान ने इसमें अपने शीर्ष के सदस्यों को शामिल किया है। इसमें से कुछ मंत्री ऐसे हैं जिनपर आतंकवाद के चलते अमेरिका के द्वारा इनाम भी घोषित किया जा चुका है।

पढ़ें :- News Bulletin : रहना चाहते हैं 'अप टू डेट' तो कम शब्दों में पढ़ें सुबह की 5 बड़ी ख़बरें

सरकार के मान्यता पर उठ रहे हैं सवाल

ऐसा कहीं पहली बार हुआ है, कि दो या दो से अधिक वैश्विक आतंकी किसी सरकार में शीर्ष पर बैठे हुए हैं। बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिन देशों ने के द्वारा इन आतंकियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वे आखिरकार तालिबान सरकार को मान्यता कैसे देंगे। अगर ये देश नियमों तो ताक पर रखकर मान्यता देते हैं तो इसे आतंकवाद के साथ समझौता माना जाएगा। दूसरी तरफ ऐसी मिसाल कायम होगी कि आतंकी होने के बावजूद सरकार का प्रमुख बनने पर सभी अपराध माफ हो जाते हैं। आइये जानते हैं तालिबान ने अपने मंत्री मंडल में किसको शामिल किया है।

प्रधानमंत्री- मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुल्ला हसन अखुंद कंधार से ताल्लुक रखते हैं जो कि तालिबान का शुरुआती स्थल था और मुल्ला हसन सशस्त्र आंदोलन के संस्थापकों में से हैं। उन्होंने 20 साल तक ‘रहबरी शूरा’ के प्रमुख के रूप में कार्य किया वह मुल्ला हेबतुल्लाह अखुंदजादा के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने 1996 से 2001 तक तालिबान की पिछली सरकार में विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार सम्हाला था।

पढ़ें :- Jharkhand : कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की के खिलाफ 9 घंटे चली CBI की कार्रवाई, मामले में राजनीति तेज

उप-प्रधानमंत्री- मुल्ला बरादर

मुल्ला बरादर तालिबान के संस्थापकों में से है। 1994 में तालिबान के गठन में उसकी मुख्य भूमिका थी। 1996 से 2001 तक जब तालिबान का अफगानिस्तान पर राज था, तब मुल्ला बरादर ने काफी अहम भूमिका निभाई थी।

गृहमंत्री- सिराजुद्दीन हक्कानी

सिराजुद्दीन हक्कानी  हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख और सोवियत विरोधी क्षत्रप जलालुद्दीन हक्कानी के बेटे हैं। इनका  नाम वैश्विक स्तर के आतंकवादियों की सूची में शामिल है। अमेरिका ने उसके बारे में सूचना पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा है।

रक्षा मंत्री- मुल्ला याकूब

पढ़ें :- Gyanvapi Case : ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में 30 मई को फिर होगी सुनवाई, दोनों पक्ष में हुई जोरदार बहस, शिवलिंग से छेड़छाड़ का आरोप

तालिबान के नए रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब होंगे। जो कि संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर के बेटे व मुल्ला हेबतुल्ला के छात्र हैं पहले वह तालिबान के शक्तिशाली सैन्य आयोग के प्रमुख के रूप में भी कार्यभार सम्हाल चुके हैं।

विदेश मंत्री-  मावलावी आमिर खान मुतक्की

मावलावी आमिर खान मुतक्की खुद को हेलमंद का रहने वाला बताता है। मुतक्की को शांति आयोग और वार्ता दल का सदस्य नियुक्त किया गया था और तालिबान की तरफ से क़तर जा कर इसने अमेरिका के साथ बातचीत की। और मुतक्की ने पिछली तालिबान सरकार में शिक्षा मंत्री के साथ-साथ संस्कृति और सूचना मंत्री के रूप में भी कार्यरत था।

तालिबान का मंत्रिमंडल

प्रधानमंत्री- मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद
पहला उप-प्रधानमंत्री : मुल्ला बरादर
दूसरा उप-प्रधानमंत्री- अब्दुल सलाम हनाफी
गृहमंत्री- सिराजुद्दीन हक्कानी
रक्षा मंत्री- मुल्ला याकूब
वित्त मंत्री-  मुल्ला हिदायतुल्ला बदरी
विदेश मंत्री-  मावलावी आमिर खान मुतक्की
शिक्षा मंत्री-  मावलावी नूरुल्ला मुनीर
न्याय मंत्री-  अब्दुल हकीम शरीय
उच्च शिक्षा मंत्री-  अब्दुल बाकी हक्कानी
ग्रामीण पुनरुद्धार एवं विकास मंत्रालय –  मुल्ला मोहम्मद यूनुस अखुंदजादा
शरणार्थी मामलों के मंत्री-  खलीलउर्हमान हक्कानी
लोक कल्याण विभाग मंत्री-  मुल्ला अब्दुल मनन ओमारी
दूरसंचार मंत्री-  नजीबुल्ला हक्कानी
पेट्रोलियम एवं खनन मंत्री-  मुल्ला मोहम्मद एसा अखुंद
जल एवं ऊर्जा मंत्री-  मुल्ला अब्दुल लतीफ मंसूर
नागरिक उड्डयन व परिवहन विभाग मंत्रालय –  हमीदुल्लाह अखुंदजादा
सूचना एवं संस्कृति विभाग मंत्री- मुल्ला खैरुल्लाह खैरख्वाह
उद्योग मंत्री- कारी दिन हनीफ
हज मंत्री- मावलावी नूर मोहम्मद साकिब
सीमा एवं आदिवासी मामलों के मंत्री- नूरउल्लाह नूरी
उप विदेश मंत्री- शेर मोहम्मद स्टेनेकजई
उप रक्षा मंत्री- मुल्ला मोहम्मद फाजिल
उप गृहमंत्री- मावलावी नूर जलाल
उप सूचना एवं संस्कृति विभाग मंत्री- जबीउल्लाह मुजाहिद
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ- कारी फसीहुद्दीन
सेना प्रमुख- मुल्ला फजल अखुंद
खुफिया विभाग के निदेशक- अब्दुल हक वासिक
खुफिया विभाग का उपप्रमुख- मुल्ला तजमीर जावद
खुफिया विभाग के उपप्रमुख- मुल्ला रहमतुल्ला नजीब
केंद्रीय बैंक के निदेशक- हाजी मोहम्मद इदरिस
राष्ट्रपति कार्यालय निदेशक- अहमद जान अहमदी
दावत-उ-इरशाद के मंत्री- शेख मोहम्मद खालिद
आंतरिक मादक पदार्थ निरोध उपमंत्री- मुल्ला अब्दुलहक अखुंद

वैश्विक आतंकियों के लिए क्या हैं नियम ?

पढ़ें :- Hyderabad : दुनिया को लीड कर सकते हैं भारतीय युवा, पीएम मोदी ने कहा- आज दुनिया महसूस कर रही है 'India Means Business'

आतंकियों की वैश्विक सूची में शामिल होते ही संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्ति, समूह या संस्था का धन, वित्तीय संपत्ति और आर्थिक संसाधनों को जब्त कर लेते हैं। जिस भी देश में इन आतंकियों के नाम से कोई भी संपत्ति या बैंक अकाउंट होगा उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। प्रतिबंधित सूची में शामिल लोगों का विश्व के किसी भी देश में आने-जाने पर प्रतिबंध लग जाता है। इसके अलावा अपने देश में भी वह स्वतंत्र रूप से यात्रा नहीं कर सकता है। कोई भी देश ऐसे आतंकियों के लिए वीजा जारी नहीं कर सकता है।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल होते ही संबंधित व्यक्ति या संस्था को किसी भी देश या संगठन द्वारा हथियारों की खरीद, उसके पुर्जों, मैटेरियल और तकनीकी की जानकारी देने पर प्रतिबंध लग जाता है। प्रतिबंधित व्यक्ति या संस्थान किसी भी देश का हवाई जहाज या शिप का उपयोग नहीं कर सकता है जिसमे झंडा लगा हो।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...