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यूपीः JE और SDO के वेतन से होगी पावर कारपोरेशन के नुकसान की भरपाई, इन जिलों में लागू हुई व्यवस्था

By Rajni 

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लखनऊ। सूबे में बिजली चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन सख्त हो गया है। तमाम कवायदों के बाद भी राजस्व में बढ़ोत्तरी न होना और बिजली चोरी न रुकने पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने JE और SDO पर जिम्मेदारी तय कर दी है।

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निगम ने अपने आदेश में कहा है कि चोरी पकड़े जाने पर विभाग को होने वाले नुकसान की भरपाई JE और SDO के वेतन से की जाएगी। कुल नुकसान के एवज में दो तिहाई वसूली जेई एवं एक तिहाई एसडीओ के वेतन से की जाएगी। इस संबंध में मध्यांचल निगम के एमडी भवानी सिंह खंगारौत ने आदेश जारी कर दिया है।

दुकानों-ढाबों, व्यावसायिक केंद्रों में बिना मीटर बिजली जलती पाई गई

आदेश में कहा गया है कि स्थलीय निरीक्षण में सड़कों, मुख्य मार्गों के निकट दुकानों-ढाबों, व्यावसायिक केंद्रों, बहुमंजिला इमारतों के परिसरों में बिना मीटर के बिजली जलती पाई गई। कई जगह कनेक्शन पर मीटर तो लगाए गए हैं, लेकिन बिलिंग सिस्टम पर दर्ज नहीं है। उसकी जगह दूसरा मीटर दर्ज है। बड़े बकाएदारों का कनेक्शन नहीं काटा जाता है, लेकिन ऑन रिकार्ड कनेक्शन कटा दिखाया जाता है। इससे निगम को आर्थिक क्षति हो रही है। इसलिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है।

मुख्य अभियंताओं को आकस्मिक जांच का निर्देश 

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एमडी ने लेसा ट्रांस गोमती, लेसा सिस गोमती, अयोध्या, लखनऊ, बरेली एवं देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंताओं को कहा है कि सड़कों एवं मुख्य मार्गों के निकट बिजली कनेक्शनों की आकस्मिक जांच कराएं। जांच में जो मामले पकड़े जाएं, उसके नुकसान की गणना करने के बाद वेतन से वसूली के लिए अभिलेखों में दर्ज किया जाए।

मध्यांचल निगम के तहत आने वाले लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर अमेठी में तैनात जेई एवं एसडीओ पर यह आदेश लागू होगा।

दुकान, ढाबा, व्यावसायिक परिसर व बहुमंजिला इमारत में मीटर न लगने। वर्तमान मीटर बिलिंग सिस्टम पर फीड न होना, मीटर की सील गायब या टूटी होने पर, सही विधा में कनेक्शन का लेजराइज न होना, बड़ी रकम बकाया होने पर कनेक्शन को न काटना, ऑन रिकार्ड कनेक्शन कटा होना और मौके पर चालू पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

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